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विनेश फोगाट मामले पर कौन कर रहा राजनीति? हरियाणा के CM ने इस नेता पर लगाए गंभीर आरोप

Politics on Vinesh Phogat Case: विनेश फोगाट मामले में आखिर कौन सियासत कर रहा है? हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि विनेश मामले पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा राजनीति कर रहे हैं। हाल ही में हुड्डा ने कहा था कि यदि हमारे पास संख्या बल होता तो उन्हें राज्यसभा भेजते।

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नायब सिंह सैनी vs भूपेंद्र सिंह हुड्डा।

Naib Singh Saini vs Bhupendra Singh Hooda: विनेश फोगाट को लेकर सियासी उठापटक का दौर जारी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री आमने सामने हैं। सीएम नायब सिंह सैनी ने रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि हुड्डा विनेश फोगाट के मामले में राजनीति कर रहे हैं।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रावण मास में 'एक पेड़ मां के नाम योजना' की शुरुआत की थी। हरियाणा में भी इस योजना के तहत पेड़ लगाने का काम जारी है। रविवार को पानीपत में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत निरंकारी अनुयायियों के साथ 20,000 पेड़ लगाकर रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के साथ उनकी देखभाल करना भी बेहद जरूरी है।

सीएम सैनी ने कांग्रेस को जमकर सुनाई खरी-खोटी

इस दौरान उन्होंने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा से पहले कांग्रेस की सरकार थी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने कभी लोगों की ओर ध्यान नहीं दिया। हुड्डा राज में प्रदेश की जनता विकास से वंचित रही। लोगों को प्रताड़ित किया जाता था। लोग हुड्डा के शासनकाल को नहीं भूले हैं। प्रदेश की जनता आने वाले समय में उनको सबक सिखाने का काम करेगी।

विनेश को राज्यसभा भेजने की बात गरमाई सियासत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, 'विनेश फोगाट पर हमें गर्व है। वह हरियाणा की बेटी हैं, जिसने पूरी दुनिया में भारत का नाम ऊंचा किया है। हम उनके साथ हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। वह कह कह रहे हैं कि विनेश को राज्यसभा भेजना चाहिए। मैं उनको कहना चाहता हूं कि पहले भी देश में गोल्ड मेडल आए हैं, तब तो वो सत्ता में थे। उस समय उन्होंने विजेता खिलाड़ी को राज्यसभा भेजने की बात क्यों नहीं की थी?'

आगामी विधानसभा चुनाव पर सीएम सैनी ने कहा, 'जो भी घोषणाएं हो रही है, वह जनता के हित में की जा रही है। भाजपा प्रदेश के हित के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश की जनता के लिए मेरे दरवाजे 24 घंटे के लिए खुले हैं। मैं 24 घंटे जनता की समस्याएं सुनता हूं। प्रचंड बहुमत के साथ एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। मुझे खुशी है कि पीएम मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधान सेवक के रूप में शपथ ली है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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