कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व प्रमुख भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। भूपेन बोरा ने सोमवार सुबह ही कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कांग्रेस आलाकमान एक्टिव हुआ और उन्हें मनाने में सफल रहा। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने बोरा का इस्तीफा वापस लेने का दावा करते हुए कहा कि बोरा का इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया है। इस्तीफा विवाद के बाद भंवर जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई, भूपने बोरा के साथ मीडिया के सामने आए, जहां ये बातें कही गईं।
राहुल गांधी ने खुद की बात
असम के कांग्रेस इंचार्ज भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा, "मैं भूपेन बोरा को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं...सीनियर कांग्रेस लीडर भूपेन बोरा कांग्रेस परिवार के एक अहम सदस्य हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा हमारी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट को भेजा था। कभी-कभी कांग्रेस परिवार में मतभेद हो जाते हैं। कांग्रेस प्रेसिडेंट ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप ने उनसे लंबी बातचीत की। हमने बातचीत से इसे सुलझा लिया है। वह पिछले 30 सालों से कांग्रेस में हैं।"
गौरव गोगोई ने मांगी माफी
कांग्रेस MP गौरव गोगोई ने कहा, "भूपेन कुमार बोरा हमारे एसेट हैं। वह बुराई के खिलाफ लड़ रहे हैं। हमने पिछले 3 घंटे से भूपेन कुमार बोरा से बातचीत की है। वह कांग्रेस के एक मजबूत नेता हैं। अगर कुछ गलत हुआ है, तो एक भाई के तौर पर मैं उनसे माफी मांगता हूं। राहुल गांधी ने भी भूपेन कुमार बोरा से बात की।"
आज भूपेन बोरा ने दिया था इस्तीफा
बोरा ने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा, जिससे असम विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है और राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है। बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे और पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं।
बोरा को भाजपा से मिला ऑफर
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि अगर बोरा भाजपा में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी ’’सुरक्षित सीट’’ से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे। शर्मा ने कहा कि वह कल शाम बोरा के आवास पर जाएंगे और उनकी भविष्य की योजनाओं पर बातचीत करेंगे।
