देश

Global Business Summit: भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद तेजी से मिल रहा न्याय, GBS 2025 में बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, भारत में कुछ समय पहले तक जो पीनल कोड चल रहे थे वो 1860 के बने हुए थे। इनका मकसद था भारत में गुलामी मजबूत करना, भारत के नागरिकों को दंड देना।

Image

GBS 2025 में पीएम मोदी

PM Modi Speech at ET Now Global Business Summit 2025: देश की राजधानी दिल्ली में आज ET नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट के 9वें एडिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने 2014 के बाद भारत में बदलावों और उपलब्धियों पर बात की। पीएम मोदी ने भारतीय न्याय संहिता पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि किस तरह भारतीय न्याय संहिता के लागू होने से न्याय तेजी से मिल रहा है।

1860 के बने हुए थे पीनल कोड

पीएम मोदी ने कहा, भारत में कुछ समय पहले तक जो पीनल कोड चल रहे थे वो 1860 के बने हुए थे। देश आजाद हुआ तो हमें याद नहीं आया, इनका मकसद था भारत में गुलामी मजबूत करना, भारत के नागरिकों को दंड देना। जिस सिस्टम के मूल में ही दंड है वहां न्याय कैसे मिल जाता। हमने बदलाव किया, इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी, इसमें लाखों मानव घंटे लगे हैं।

बदलाव साफ-साफ नजर आ रहा है

पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार भारतीय न्याय संहिता लेकर आई, इसे लागू हुए 7-8 महीने ही हुए हैं लेकिन बदलाव साफ-साफ नजर आ रहा है। इसके लागू होने के बाद क्या-क्या बदलाव आए बताता हूं। एक तिहरे मर्डर केस में एफआईआर से केस होने के बाद सिर्फ 14 दिन में आरोपी को उम्रकैद की सजा हो गई। एक नाबालिग की हत्या के केस को 20 दिन में अंतिम परिणाम तक पहुंचाया गया। गुजरात में एक गैंगरेप मामले में 9 अक्तूबर को केस दर्ज हुआ, 26 अक्तूबर को चार्जशीट आई, आज 15 फरवरी को कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दे दिया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article