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भारत जोड़ो यात्रा का एक महीना पूरा, क्या कहता है राहुल गांधी के साथ चलने वाले यात्रियों का अनुभव

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 7, 2022, 08:58 PM IST

भारत जोड़ो यात्रा में कुछ यात्री सभी प्रदेशों से चुने गए हैं। इनकी संख्या 130 है। इन सभी यात्रियों की जवाबदेही है कि वो पूरी यात्रा में राहुल गांधी के साथ पदयात्रा करेंगे। इनमें युवा पीढ़ी के साथ-साथ कुछ बुजुर्ग और महिला यात्री भी शामिल हैं। यह यात्रा 12 राज्यों से गुजरेगी।

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भारत जोड़ो यात्रा का एक महीना पूरा

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो
KEY HIGHLIGHTS
  • अभी कर्नाटक में चल रही है भारत जोड़ो यात्रा
  • राहुल गांधी कर रहे हैं इस यात्रा का नेतृत्व
  • कर्नाटक में अगले साल होने हैं चुनाव

भारत जोड़ो यात्रा को शुरू हुए आज यानि कि शुक्रवार (7 October 2022) को एक महीने का वक्त बीत चुका है। इस दौरान यात्रा अब तक 3 प्रदेशों से गुजर चुकी है। यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी। फिलहाल यह यात्रा कर्णाटक के मांड्या से गुजर रही है।

यात्रा में राहुल गांधी के साथ-साथ तकरीबन 130 यात्री रोज पैदल यात्रा कर रहे हैं। यह यात्री कांग्रेस के वो कार्यकर्ता और नेता हैं, जो कन्याकुमारी से कश्मीर तक राहुल गांधी के साथ पदयात्रा में शामिल रहेंगे। अब तक आपने तस्वीरों में सिर्फ भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी या कांग्रेस के बड़े नेताओं को देखा होगा। लेकिन आज हम आपको इन यात्रियों के अनुभव से अवगत कराएंगे।

इस यात्रा में शामिल कुछ महिला यात्री तो ऐसी भी हैं जो अपने छोटे बच्चों को घर पर छोड़ कर आई हैं। लेकिन उन्हें इसका अफसोस नहीं है। वो हर रोज वीडियो कॉल के माध्यम से अपने बच्चों और परिवार से जुड़ी रहती हैं। यात्री प्रतिभा रघुवंशी का मानना है कि पदयात्रा में शामिल हर यात्री एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। पैर में दर्द होने पर एक-दूसरे का पैर तक दबाते हैं। हालांकि यात्रा में शामिल लोगों के इलाज के लिए डॉक्टर और दवा दोनों का इंतजाम किया गया है।

इसी तरह से चंबल से जुड़े हुए एक युवा भारत यात्री सचिन का कहना है कि जब भी वह राहुल गांधी को चलते हुए देखते हैं तो उन्हें एक नई प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है। जब उन्हें यह पता चला कि राहुल गांधी घुटने की पीड़ा के बावजूद चल रहे हैं तो उन लोगों की थकान और पैर के छाले कोई मायने नहीं रखते।

केरल से सांसद ज्योतिमनि का कहना है कि वैसे तो यात्रा में उनकी ड्यूटी सिर्फ केरल में रहने तक ही थी, लेकिन जिस तरह का प्यार और स्नेह यात्रा के दौरान मिला, उसको देखते हुए अब वो पूरे यात्रा में रहेंगी। उनका कहना है कि राहुल गांधी की यात्रा सिर्फ कांग्रेसी कार्यकर्ता में ही नहीं बल्कि यात्रा जहां से गुजर रही है, कांग्रेस पार्टी के प्रति लोगों की सोच बदल रही है।

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल सचिन राव नंगे पांव पदयात्रा में शामिल हैं। उनके पैर में छाले को साफ देखा जा सकता है। वो राहुल गांधी के करीबी हैं और कांग्रेस के ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख हैं। उनका भी मानना है कि भारत जोड़ो यात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक नहीं है। ये भारत की विविधता को सेलिब्रेट करने का तरीका है।

भारत जोड़ो यात्रा की तस्वीरों में भले ही राहुल गांधी और पार्टी के बड़े नेता दिख रहे हों। लेकिन ये 130 भारत यात्री ही इस यात्रा की रीढ़ की हड्डी हैं। जो राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। अपने घर परिवार से 150 दिनों तक दूर रहना आसान काम नहीं है।

रंजीता झा
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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