BES एक्सपो 2026 में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि भारत का प्रसारण क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। पहले पारंपरिक माध्यम थे, फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म आए और अब AI आधारित मीडिया का दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि तकनीक ने कंटेंट निर्माण, वितरण और दर्शकों से जुड़ाव के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है।
प्रधानमंत्री का विज़न: ‘क्रिएटेड इन इंडिया, क्रिएटेड फॉर द वर्ल्ड’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न का उल्लेख करते हुए मुरुगन ने कहा, “आज कंटेंट तुरंत बनता है। भारत की कहानी कहने की परंपरा और नई तकनीक साथ चल रही है। हमारा लक्ष्य है— क्रिएटेड इन इंडिया, क्रिएटेड फॉर द वर्ल्ड।” उन्होंने कहा कि भारत की रचनात्मक क्षमता और तकनीकी शक्ति अब वैश्विक मंच पर अपनी मज़बूत पहचान बना रही है।
तेजी से बदलता ब्रॉडकास्टिंग परिदृश्य
मंत्री ने बताया कि BES एक्सपो ऐसे समय में हो रहा है जब मीडिया तकनीक तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत में 31 से अधिक प्राइवेट रेडियो नेटवर्क हैं, 800 से ज़्यादा FM स्टेशन सक्रिय हैं, टियर-3 शहरों तक निजी FM का विस्तार हो रहा है, कम्युनिटी रेडियो स्थानीय आवाज़ को मज़बूती दे रहे हैं।
मीडिया: समावेशी विकास का सशक्त माध्यम
मुरुगन ने कहा कि सरकार के लिए मीडिया सिर्फ़ एक उद्योग नहीं, बल्कि समावेशी विकास का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रसारण देश के अंतिम व्यक्ति तक सूचना, जागरूकता और अवसर पहुंचाने का काम करता है। अपने संबोधन का समापन उन्होंने “जय हिंद, जय भारत” के उद्घोष के साथ किया।

BES एक्सपो 2026
नीति दृष्टि: AI का वास्तविक असर अभी कम आंका गया
नीति संबोधन में सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू (IAS) ने कहा कि AI मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को पूरी तरह बदल रहा है। उन्होंने कहा, “AI को अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है, लेकिन असल में इसका असर अभी कम आंका जा रहा है।” उन्होंने बताया कि मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर से करीब एक करोड़ लोगों की रोज़ी-रोटी जुड़ी हुई है और AI इस क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ा रहा है।
स्टूडियो से बटन-क्लिक ऑपरेशन तक
जाजू ने कहा कि जैसे इंटरनेट ने काम करने का तरीका बदला, वैसे ही AI भी मीडिया इंडस्ट्री को नया रूप दे रहा है। अब काम तेज हुआ है, लागत कम हुई है, फैसले जल्दी लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि AI ने प्रोडक्शन और एडिटोरियल प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाया है।
AI: डर नहीं, सहयोग का माध्यम
उन्होंने स्पष्ट किया कि AI को डर के रूप में नहीं, बल्कि सहयोगी एजेंट के रूप में देखा जाना चाहिए। AI मदद कर रहा है:- काम को आसान बनाने में, बहुभाषी कंटेंट तैयार करने में, सही और तेज निर्णय लेने में। उन्होंने कहा कि नौकरियों को लेकर जताया गया डर वास्तविकता में उतना गंभीर नहीं रहा।
तकनीक की पहुंच आखिरी व्यक्ति तक
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए सचिव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक हर नागरिक तक पहुंचे। इसके लिए कार्य हो रहा है:- डिजिटल रेडियो, डायरेक्ट-टू-मोबाइल (DTM) प्रसारण, उन क्षेत्रों में मीडिया विस्तार, जहां इंटरनेट सीमित है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर ज़ोर
उन्होंने ब्रॉडकास्ट सेवा पोर्टल को एक अहम सुधार बताया। यह सिंगल-विंडो डिजिटल सिस्टम लाइसेंस और अनुमति की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाता है।
उद्योग की आवाज: BES सेतु की भूमिका में
BES नेतृत्व की ओर से सुनील (BES प्रतिनिधि) ने कहा कि BES एक्सपो सरकार, उद्योग और तकनीक को एक मंच पर लाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल तकनीक अपनाने वाला देश नहीं रहा, बल्कि मीडिया तकनीक में नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, AI भारत के मीडिया भविष्य का केंद्र बनेगा।
