ग्रेटर नोएडा: बायोटेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, बैंगलोर बायो-इनोवेशन सेंटर (बीबीसी) और बेनेट हैचरी फाउंडेशन (बीएचएफ), बेनेट यूनिवर्सिटी ने 5 सितंबर 2024 को बायो-उद्यमिता को आगे बढ़ाने और नवीन तकनीकों के व्यावसायीकरण को सुविधाजनक बनाने पर सहयोग करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एमओयू पर बैंगलोर बायो-इनोवेशन सेंटर के प्रबंध निदेशक डॉ. मोहम्मद आदिल ए.ए. और बेनेट हैचरी फाउंडेशन के सीईओ राजेश कुनाथ ने हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी अकादमिक स्पिनआउट को पोषित करने और जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य सेवा, जैव प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थानों की ताकत का लाभ उठाएगी। इस समझौते के तहत, बीबीसी और बीएचएफ स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए बुनियादी ढांचा, शोध सहायता और इनक्यूबेशन अवसर प्रदान करने के लिए मिलकर काम करेंगे। बीबीसी की अत्याधुनिक सुविधाओं और बीएचएफ के उद्यमशीलता विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, साझेदारी का उद्देश्य, ज्ञान और प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाना, स्टार्टअप के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य सेवा, कृषि, मेडटेक और पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व नवाचारों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है।
यह समझौता, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक शक्तिशाली पारिस्थितिकी तंत्र बनाएगा, जो उद्यमियों को उनके अभूतपूर्व विचारों को व्यवहार्य व्यवसायों में बदलने के लिए सशक्त बनाएगा। स्वास्थ्य सेवा, कृषि, मेडटेक और पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने वाले खोज के विकास में तेजी लाएगा। इसके अतिरिक्त, यह साझेदारी उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुगम बनाएगी, विचारों के परस्पर अदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगी और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देगी।
इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, बीबीसी और बीएचएफ न केवल व्यक्तिगत स्टार्टअप का समर्थन देंगे, बल्कि एक मजबूत, टिकाऊ जैव-उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी योगदान देंगे।
