Israel US Relations: इजरायल की राजधानी यरूशलेम में आयोजित एक इंटरनेशनल पॉलिसी समिट में बोलते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि इजरायल उनके इशारों पर चलता है। नेतन्याहू ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा, "न तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वो सब करते हैं जो मैं चाहता हूं और ना ही मैं वो सब करता हूं जो वो चाहते हैं। हम दो आजाद और स्वाभिमानी देशों के नेता हैं। कई बार हमारे विचार एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।"
डोनाल्ड ट्रंप के दावे को किया खारिज
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले शुक्रवार को एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से पूछा गया कि क्या वे लेबनान पर हो रहे हमलों को रुकवा सकते हैं? इस पर ट्रंप ने कहा था, "हां, मैं रुकवा सकता हूं। इजरायल मेरा बहुत सम्मान करता है और वे वही करते हैं जो मैं कहता हूं।" ट्रंप ने यहां तक कह दिया था कि अमेरिकी मदद के बिना इजरायल का वजूद ही नहीं रहता। नेतन्याहू ने ट्रंप के इस अहंकार भरे बयान का जवाब देते हुए कहा कि दोनों नेता अपने-अपने देश के हितों को पहले रखते हैं। भले ही दोनों के बीच अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन इजरायल अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं कर सकता।
अमेरिका और ईरान के बीच हो रहे समझौते से नाराज है इजराइल?
दरअसल, पिछले हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते के बाद से वॉशिंगटन और यरूशलेम के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही हैं। इजरायल लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है, जिससे अमेरिका नाराज है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इजरायली मंत्रियों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका के खिलाफ बयानबाजी न करें। वहीं, इजरायल की जनता भी इस समय नेतन्याहू सरकार से खुश नहीं है, क्योंकि लोगों का मानना है कि इस पूरे विवाद में ईरान मजबूत होकर उभरा है।
