Bengaluru-Mysuru Highway: बेंगलुरू-मैसुरू हाईवे खुलते ही बवाल मच गया है। कुछ दिन पहले ही इसका उद्घाटन हुआ था। मोटरसाइकिल के लिए ज्यादा टोल को लेकर जेडीएस कार्यकर्ताओं ने इसे ब्लॉक कर दिया। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे इन प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर दिया।
जेडीएस कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरू-मैसुरू हाईवे पर कनिमिनिके टोल प्लाजा पर मोटरसाइकिल के लिए ज्यादा टोल को लेकर हाईवे ब्लॉक कर दिया। बाद में पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इन शहरों को कनेक्ट करता है हाईवे
यह एक्सप्रेसवे श्रीरंगपटना, कुर्ग और ऊटी सरीखे कई शहरों और पड़ोसी राज्य केरला के बीच कनेक्टिविटी को सुधारता है। एक्सप्रेस-वे के रूट में ग्रीन फील्ड बाईपास भी है। इस हाईवे को केंद्र सरकार की फ्लैगशिप भारतमाला परियोजना (बीएमपी) के तहत बनाया गया है। यह कुल 118 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है, जिसे लगभग 8480 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।बेंगलुरू - मैसूरू के बीच के सफर का समय हुआ कम
यह हाईवे बेंगलुरू और मैसूरू के बीच सफर के समय को कम कर करता। मौजूदा समय में बेंगलुरू से मैसूर तक का सफर तय करने में लगभग तीन घंटे का वक्त लगता है, पर इस एक्सप्रेस-वे के इस्तेमाल के चलते लोग 75 मिनट में एक शहर से दूसरे शहर पहुंच रहे हैं। 10 लेन वाले बेंगलुरू-मैसूर एक्सप्रेस-वे की शुरुआत बेंगलुरू में एनआईसीई एंट्रेस से होती है, जबकि यह मैसूर में रिंग रोड जंक्शन पर समाप्त होता है। यह एक्सप्रेस-वे इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि इस पर 110 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से वाहन चलाए जा सकें।
एनएचएआई टोल को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। टोल प्लाजा पर 10 से अधिक गेट रहेंगे, जो कि आरामदायक ट्रैफिक आवाजाही के लिए फास्टैग लेन्स भी ऑफर करेंगे। एक्सप्रेस-वे पर इसके अलावा पिट स्टॉप्स भी हैं। साथ ही बीच में फूड ज्वॉइंट्स, पेट्रोल पंप, रेस्ट रूम्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग प्वॉइंट/स्टेशन भी हैं। हालांकि, इन सारी चीजों को व्यवस्थित तरीके से शुरू होने में थोड़ा समय लगेगा।
