Narendra Modi News: शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को नसीहत दी है। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनावों में विपक्ष की हार हुई है। इसकी हताशा और निराशा को वह समझ सकते हैं लेकिन उन्होंने विपक्षी दलों से इस हताशा को सदन में न उतारने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष को इस हार से सीख लेने की जरूरत है। इस हार में उनके लिए एक स्वर्णिम अवसर है। इससे सीख लेकर वे सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
चुनाव में लोगों ने नकारात्मकता को नकारा-पीएम
पीएम ने कहा कि 'इस चुनाव में लोगों ने नकारात्मकता को नकारा है। वर्तमान चुनाव नतीजो के आधार पर कहूं तो यह उनके लिए बहुत बड़ा मौका है। इस हार से वे सीख सकते हैं और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें। हर किसी का भविष्य उज्ज्वल है। पराजय का गुस्सा सदन में न उतारें। थोड़ा सा अपना रुख बदलिए। यह मौका मत जाने दीजिए। लोकतंत्र में विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है। उसे सामर्थ्यवान होना होगा। देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, सभी सांसदों को इस दिशा में काम करना चाहिए।'
'राजनीतिक गर्मी से तेजी से बढ़ रही'
पीएम ने कहा, '4 राज्यों के उत्साह बढ़ाने वाले चुनाव नतीजे आए हैं। राजनीतिक गर्मी तेजी से बढ़ रही है। बीजेपी के सभी वर्गों का समर्थन मिला है। हम संसद के नए मंदिर में मिल रहे हैं। नया भवन है, यहां कुछ कमियां महसूस हो सकती हैं। पीएम ने मीडिया से कहा कि संसद के नए भवन में यदि उन्हें किसी तरह की कोई कमी दिखती है तो वे इसे ठीक करने के लिए कह सकते हैं।
सदन में गंभीर चर्चा करने की अपील
उन्होंने कहा, 'यह मंदिर जनआकांक्षाओं के लिए विकसित भारत की नींव मजबूत बनाने के लिए बहुत मजबूत मंच है। सांसद ज्यादा से ज्यादा तैयारी करके आएं, उन पर गंभीर चर्चा हो, सुझावों पर विचार किया जाए। संसद में चर्चा न होने पर देश निराश होता है।'
