Eiffel Tower : एफिल टावर में BAPS प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से जुड़े मामले की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद BAPS पेरिस ने बयान जारी किया है। संगठन ने दोहराया है कि उसने महिला कर्मचारियों को छिपाने, हटाने या विजिटर रूट से बाहर रखने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया था। BAPS ने कहा कि शुरुआत से ही उसका रुख स्पष्ट रहा है कि महिला कर्मचारियों को हटाने या उन्हें विजिटर रूट से बाहर रखने के लिए उसकी ओर से कोई अनुरोध नहीं किया गया।
संगठन के मुताबिक, जांच में यह तथ्य सामने आया है कि BAPS ने विजिटर रूट से महिलाओं को बाहर रखने के लिए ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया था। BAPS ने कहा कि उसे इस घटना से प्रभावित कर्मचारियों की चिंता है। संगठन ने उम्मीद जताई कि जांच के निष्कर्ष से पूरे मामले को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी और इससे जुड़े सभी लोग सम्मानपूर्वक आगे बढ़ सकेंगे।
ब्रह्मविहारी स्वामी ने भी जारी किया वीडियो संदेश
BAPS की ओर से जारी वीडियो संदेश में ब्रह्मविहारी स्वामी ने कहा कि साधुओं की आध्यात्मिक अनुशासन व्यवस्था को लेकर एक गलतफहमी पैदा हुई थी। उन्होंने विशेष रूप से ब्रह्मचर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हिंदू धर्म की चार अवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि पेरिस शहर ने एक स्वतंत्र एजेंसी, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ द सिटी ऑफ पेरिस, को जांच की जिम्मेदारी दी थी। उनके मुताबिक, एजेंसी ने पूरी तरह निष्पक्ष जांच की।
महिला कर्मचारियों को हटाने की बात सामने आई थी
ब्रह्मविहारी स्वामी ने कहा कि जांच के बाद सामने आए निष्कर्षों में BAPS की ओर से महिला कर्मचारियों को हटाने या बाहर करने का अनुरोध किए जाने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के समाचार माध्यमों में भी इस जांच से जुड़ी खबरें प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के दौरान हिंदू मूल्यों और ब्रह्मचर्य जैसे आध्यात्मिक अनुशासन को लेकर भी चर्चा हुई। ब्रह्मविहारी स्वामी ने दावा किया कि BAPS के 50 प्रतिशत से अधिक श्रद्धालु महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि जिन साधुओं को लोग देखते हैं, उनकी माताओं और बहनों ने भी उनके माथे पर तिलक कर उन्हें ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
फ्रांस और पेरिस के नेतृत्व की सराहना
ब्रह्मविहारी स्वामी ने फ्रांस, पेरिस शहर और वहां के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन सच्चाई सामने रखने के लिए उनकी सराहना करता है। उन्होंने यह भी कहा कि महंत स्वामी महाराज का हृदय भेदभाव नहीं करता और विवाद के दौरान लोगों ने जो कुछ भी कहा, उसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। अपने संदेश के अंत में ब्रह्मविहारी स्वामी ने 'सत्यमेव जयते' का उल्लेख किया और कहा कि BAPS सनातन धर्म की भावना के साथ आगे बढ़ता रहेगा।
