देश की राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है। कई देशों के बड़े नेता और अधिकारी 13 सितंबर तक हमारी मेहमाननवाजी में हैं। भारत ने दुनिया के अलग-अलग देशों से आए नेताओं और प्रतिनिधियों के आवभगत में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उनको देश के असली स्वाद से भी रूबरू करवाया जा रहा है। मेहमानों को कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र, राजस्थान, बंगाल और तमिलनाडु तक के लजीज और पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
कश्मीर के अखरोट से लखनऊ के गलौटी कबाब तक
दिल्ली के आलीशान होटलों में ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए कश्मीरी मसालों वाले अखरोट, पुरानी दिल्ली का मैदा काजू, महाराष्ट्र की भाकरवडी, राजस्थान की मिनी कचौरी, बंगाल की कुचो निमकी और तमिलनाडु का मुरुक्कू की व्यवस्था है। यानी मेहमानों को एक ही प्लेट में भारत के अलग-अलग हिस्सों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा।
मांसाहारी व्यंजनों में लखनऊ का मशहूर गलौटी कबाब खास आकर्षण है। यह अवध की पाक परंपरा से जुड़ा वह कबाब है जो मुंह में रखते ही घुल जाने वाली अपनी बनावट के लिए जाना जाता है।
एडिबल लोटस
इस मेन्यू की सबसे दिलचस्प चीजों में से एक है हाथ से तैयार किया गया एडिबल लोटस, मतलब कि खाने वाला कमल। इसे गुलाब, केसर और इलायची से तैयार किया गया है और भारतीय फलों के साथ परोसा जा रहा है।
कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है और ब्रिक्स इंडिया 2026 की पहचान में भी कमल को जगह दी गई है। इसलिए प्लेट में रखा यह कमल मेहमानों के सामने भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक अलग अंदाज में रखने की कोशिश भी है।
थाली में मिलेट्स भी, सेहत का संदेश भी
आज भारतीय भोजन की चर्चा स्वाद के साथ ही पोषण और पारंपरिक अनाजों के लिए भी हो रही है। इसी सोच को मेन्यू में बाजरा, ज्वार, जौ और सत्तू जैसी चीजों के जरिए जगह दी गई है।
द लीला पैलेस ने मिलेट कुकीज, हाथ से बने ग्रेनोला बार और पारंपरिक भारतीय सामग्री से तैयार हेल्थ ड्रिंक्स को भी मेन्यू में शामिल किया है। यहां भारतीय व्यंजनों को आधुनिक अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है।
‘ट्रेडिशन टू टेबल’ में मां के हाथ का स्वाद
ताज महल होटल ने मेहमानों के लिए ‘ट्रेडिशन टू टेबल’ नाम से खास प्रयोग किया है। इसमें होटल के शेफ ऐसे लजीज व्यंजन बना और परोस रहे हैं जो उन्होंने अपनी मां से सीखी थी या जो उनकी मां बनाया करती थी।
इसमें भारत के अलग-अलग इलाकों से आए स्नैक्स को शामिल किया गया है। इसके पीछे मकसद उस भारतीय पाक कला को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक पहुंचाने का है, जिसे भारत अपने आतिथ्य की पहचान मानता है।
ब्रिक्स सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। ब्रिक्स की मेज पर दुनिया भले ही अर्थव्यवस्था, व्यापार और वैश्विक राजनीति पर बात करे, लेकिन खाने की मेज पर भारत अपने पारंपरिक स्वाद और मेहमाननवाजी से मेहमानों का दिल जीत रहा है।
