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Bangalore Bandh: बेंगलुरू में आज बंद का आह्वान, स्कूल-कॉलेज में पड़े ताले, एयरलाइंस ने जारी की खास एडवाइजरी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 26, 2023, 07:20 AM IST

Bangalore Bandh 2023: बेंगलुरू में बंद के आह्वान के बाद विभिन्न एयरलाइंस की ओर से यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इंडिगो ने अपने यात्रियों के जारी एडवाइजरी में कहा है कि बेंगलुरू एयरपोर्ट तक यात्रा में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। ऐसे में जल्दी एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है।

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बेंगलुरू में बंद

Bangalore Bandh 2023: तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का जल छोड़े जाने को लेकर कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी क्रम में बेंगलुरू में आज विभिन्न संगठनों ओर से बंद का आह्वान किया गया है। फेडरेशन ऑफ फार्मर्स एसोसिएशन्स, दि फेडरेशन ऑफ प्रो-कन्नड ऑर्गनाइजेशन्स, कावेरी जल संरक्षण समिति और ऑर्गनाइजेशन फॉर दि बेंगलुरू रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से पूर्ण बंद बुलाया गया है। इसके अलावा कन्नड़ कार्यकर्ता वाताल नागराज के नेतृत्व में कन्नड़ ओक्कुटा के बैनर तले कई संगठनों ने 29 सितंबर को राज्यव्यापी बंद भी बुलाया है।

आज होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बेंगलुरू में धारा 144 लागू कर दी गई है। बेंगलुरू पुलिस कमिश्नर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर एक साथ पांच लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा बेंगलुरु शहरी जिला कलेक्टर केए दयानंद ने शहर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा कर दी है।

एयरलाइंस की ओर से जारी की गई एडवाजरी

बेंगलुरू में बंद के आह्वान के बाद विभिन्न एयरलाइंस की ओर से यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इंडिगो ने अपने यात्रियों के जारी एडवाइजरी में कहा है कि बेंगलुरू एयरपोर्ट तक यात्रा में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। ऐसे में एयरलाइंस ने डोमेस्टिक ट्रेवल के लिए 2.5 घंटे और इंटरनेशनल ट्रेवल के लिए 3.5 घंटे पहले पहुंचने की अपील की है। इसी तरह की एडवाइजरी अकासा एयर, स्पाइसजेट और विस्तारा जैसी एयरलाइंस की ओर से भी जारी की गई है।

ये चीजें रहेंगी बंद

बेंगलुरू में बंद के आह्वान के चलते सभी दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, इंडस्ट्रीज, ऐप आधारित टैक्सी और बाइक सेवा, ऑटोरिक्शा, स्ट्रीट वेंडर, होटल और रेस्त्रा, थियेटर, मॉल पूरी तरह से बंद रहेंगे। हालांकि, बीएमटीसी बसें पूर्व की भांति चलेंगी। बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन का कहना है कि सभी रूट हमेशा की तरह चालू रहेंगे। इस बीच, कन्नड़ समर्थक संगठनों द्वारा फ्रीडम पार्क, राजभवन, टाउनहॉल पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। हालांकि, पुलिस आयुक्त ने सचेत किया कि केवल फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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