देश

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: 3 महीने पहले पुणे में रची गई थी साजिश, मैसेज के लिए सिग्नल और स्नैपचैट का इस्तेमाल

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर पिस्तौल चलाने की ऑनलाइन ट्रेनिंग ली थी। हालांकि पुलिस उनके इस बयान पर पूरी तरह यकीन नहीं कर रही है।

Image

बाबा सिद्दीकी मर्डर केस

Photo : PTI

Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में कई नए-नए खुलासे हो रहे हैं। मुंबई पुलिस के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक की जांच में सामने आया है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या की पूरी साजिश तीन महीने पहले पुणे में ही रची गई। बहराइच से गिरफ्तार चौथा आरोपी हरीश, शूटर धर्मराज का चचेरा भाई है। हरीश पिछले 9 साल से पुणे में रह रहा था। लोणकर बंधुओं ने शूटर्स के लिए तकरीबन 2 लाख रुपये हरीश के जरिए ही भिजवाए थे।

हरीश ने शूटर्स को किराए का मकान और बाइक दी

हरीश ने ही शूटर्स को किराए का मकान और एक बाइक मुहैया करवाई थी। हरीश ने शूटर्स को दो मोबाइल खरीदकर दिए थे। शूटर्स मैसेज के लिए सिग्नल और स्नैपचैट और कॉल के लिए टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर पिस्तौल चलाने की ऑनलाइन ट्रेनिंग ली थी। हालांकि पुलिस उनके इस बयान पर पूरी तरह यकीन नहीं कर रही है।

25 दिन पहले से शूटर्स ने बाबा सिद्दीकी और जीशान के घर और ऑफिस की रेकी शुरू की थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से एक काली बैग और उसमें 7.62 बोर की पिस्तौल भी बरामद की।

पुलिस के रडार पर था शुभम लोणकर

आरोपियों में से एक शुभम लोणकर 24 सितंबर तक पुलिस रडार पर था। उससे अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर गोलीबारी की एक घटना के संबंध में जून में पूछताछ की गई थी। शुभम लोणकर को जनवरी में महाराष्ट्र के अकोला जिले के अकोट पुलिस स्टेशन में दर्ज शस्त्र अधिनियम मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उस मामले में 10 से अधिक आग्नेयास्त्र बरामद किए थे।

लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के साथ संपर्क

उन्होंने कहा, शुभम का लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के साथ संपर्क पाया गया था। अधिकारी ने कहा कि तब से वह पुलिस के रडार पर था, लेकिन 24 सितंबर को उसका पता नहीं चला। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी व्यक्ति स्नैपचैट और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल करके एक-दूसरे से बातचीत करते थे। उन्होंने कहा कि शुभम को मोबाइल फोन ऐप्स के बारे में अच्छी जानकारी थी। अधिकारी ने कहा, उसने (सिद्दीकी की हत्या की) साजिश में शामिल सभी सदस्यों को निगरानी से बचने के लिए इंस्टाग्राम के जरिए बात करने और स्नैपचैट के जरिए चैट करने के लिए कहा था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें