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AXIOM-4 Mission: भावुक हुए शुभांशु शुक्ला के माता-पिता, बेटे को लेकर कही ये बात

एक्सिओम-4 मिशन बुधवार को अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गया। एक्सिओम-4 मिशन के रवाना होते ही भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के माता-पिता और रिश्तेदार भावुक हो गए। आइए जानते है कि शुभांशु शुक्ला के माता-पिता ने क्या है...

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हम खुश हैं...ये खुशी के आंसू हैं: माता-पिता

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

AXIOM-4 Mission: एक्सिओम-4 मिशन बुधवार को अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गया। नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस का यह संयुक्त अभियान फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से दिन के 12 बजकर एक मिनट पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुआ। यह मिशन भारत के लिए भी बहुत खास है क्योंकि आईएसएस जाने वाले चार अंतरिक्ष यात्रियों में भारत के शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं जो कि स्पेसक्रॉफ्ट के पायलट की भूमिका में हैं। उनका यह अनुभव भारत के गगनयान मिशन में भी बहुत काम आएगा। शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन हैं। एक्सिओम-4 मिशन के रवाना होते ही भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के माता-पिता और रिश्तेदार भावुक हो गए।

ये खुशी के आंसू हैं: आशा शुक्ला

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा कि हम खुश हैं। मां आशा शुक्ला ने कहा कि सब खुश हैं। ये खुशी के आंसू हैं...।

मैं आप सभी का आभारी हूं: शुभांशु शुक्ला

Shubhanshu Shukla

Shubhanshu Shukla

बता दें, शुभांशु शुक्ला ने भी रवाना होने से पहले Instagram पर अपनी फैमिली, दोस्त और सपोर्टर्स को लेकर एक इमोशनल पोस्ट लिखी। शुभांशु शुक्ला ने लिखा कि जैसा कि हम 25 जून की सुबह इस ग्रह को छोड़ने की योजना बना रहे हैं, मैं इस मिशन में शामिल सभी लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और साथ ही घर पर सभी लोगों को उनके आशीर्वाद और प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। इस यात्रा में मेरे परिवार और दोस्तों का बहुत-बहुत धन्यवाद, जो मेरे लिए आधार रहे हैं। कभी-कभी आपके करीबी लोग ऐसे त्याग करते हैं, जिनके बारे में आपको पूरी तरह से पता भी नहीं होता, लेकिन वे आपके प्रति अपने प्यार के कारण ऐसा करते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी को एक बेहतरीन साथी बताते हुए विशेष धन्यवाद। शुभांशु शुक्ला ने कहा कि आपके बिना यह सब संभव नहीं था, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से कुछ भी मायने नहीं रखता। कोई भी व्यक्ति अकेले अंतरिक्ष की यात्रा नहीं करता.. हम ऐसा कई लोगों के कंधों पर करते हैं। मैं आप सभी का आभारी हूं। धन्यवाद।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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