Asad Ahmed Last Rites: कहा जाता है कि गुनाहों की लिस्ट जितनी बड़ी और लंबी होती जाती है उतनी ही कम उम्र गुनहगार की होती है। 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज में अतीक अहमद गैंग के शूटर्स ने वकील उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या की थी। उस हत्याकांड में अतीक के शूटर के साथ साथ उसका बेटा असद अहमद(asad ahmed) भी शामिल था। करीब 49 दिन के बाद सिर्फ 49 सेकेंड में यूपी एसटीएफ ने उसे झांसी जिले में मार गिराया। असद के एनकाउंटर के बारे में अतीक अहमद(atique ahmed) को सीजेएम कोर्ट में दी गई जहां उसके रिमांड पर सुनवाई चल रही थी। अतीक को जैसे पता चला कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है तो वो फूट फूट कर रोने लगा और कहा कि सब कुछ उसकी वजह से हुआ है, और उसने बेटे को मिट्टी दिए जाने पर गुजारिश करते हुए सुपुर्द-ए- खाक में शामिल होने की इजाजत मांगी। हालांकि उसे इजाजत नहीं मिली है,लिहाजा वो अपने बेटे असद अहमद के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल हो पाएगा।
कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक
धूमनगंज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में माफिया अतीक का बेटा असद अहमद दफनाया जाएगा। कसारी मसारी कब्रिस्तान में असद के दफन को लेकर तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि देर शाम तक अतीक के बेटे का शव प्रयागराज पहुंचेगा। अतीक के पिता स्व हाजी फिरोज के बगल असद को दफन किया जाएगा।
असद के बारे में एसटीएफ ने दी जानकारी
असद के मारे जाने के बाद यूपी एसटीएफ ने बताया कि वो अतीक के काफिले पर हमले की साजिश रच रहा था। वो किसी भी तरह अतीक को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाना चाहता था। लिहाजा वो झांसी के आसपास के इलाकों में छिपा हुआ। उसके लोकेशन के बारे में पुख्ता जानकारी मिलने के बाद घेरेबंदी की गई। सरेंडर के लिए कहा गया। लेकिन उसने फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में वो मारा गया। उसके पास से अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी भी हुई।
