Atique Ahmed Death News in Hindi: अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पर केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि माफिया-गैंगस्टर से नेता बने दुर्दांत अपराधी अतीक का पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से लिंक था। यह बात उसने खुद कुबूल की थी। जो शख्स 50 से 60 लोगों को मार दे, उसे कोई न कोई तो जान से मार ही देगा। वही हुआ...वह गैंगवॉर में मारा गया।
सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को वह इस बारे में समाचार एजेंसी एएनआई से बोले- अतीक ने कबूल किया था कि उसके लश्कर-ए-तैयबा के साथ कनेक्शन हैं। वह गैंगवॉर में मारा गया। अगर आप 50-60 लोगों को मार दें तब तो पक्का है कि कोई न कोई आपका मर्डर कर ही देगा। वह एक अपराधी था और गैंगवार में मारा गया।
"अतीक जी" कहने को लेकर तेजस्वी पर बरसे सिंह!
सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम को भी इस दौरान घेरा और कहा- तेजस्वी ने अतीक नहीं कहा। उन्होंने "अतीक जी" कहा। वह एक दुर्दांत अपराधी था, जिस पर 100 से अधिक मुकदमे थे और ये केस हत्या, किडनैपिंग और फिरौती आदि से जुड़े थे। जो भी गवाह होता था, उसे ये मार देते थे या उसके परिजन को किडनैप कर लेते थे ताकि वे गवाही न दे सकें।'15 दिन में जेल से निकाल के काम तमाम कर देंगे'
उधर, अतीक-अशरफ के वकील ने समाचार एजेंसी को बताया, "यूपी के प्रयागराज से बरेली ले जाते वक्त अशरफ को पुलिस लाइन ले जाया गया था, जहां पर पुलिस अफसरों ने उससे कहा था- इस बार बचे हो लेकिन 15 दिन में जेल से निकाल के काम तमाम कर देंगे...। अशरफ ने किसी का नाम तो नहीं बताया था, मगर उसने कहा था कि अगर मर्डर हो तब सील बंद लिफाफा सुप्रीम कोर्ट और सीएम के पास पहुंच जाना चाहिए।"15 अप्रैल की रात यूपी के प्रयागराज में पुलिस की मौजूदगी में मीडिया के सामने तीन हमलावरों ने पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि, घटना के बाद तीनों हमलावर पकड़ लिए गए थे, जिनकी पहचान बांदा के लवलेश तिवारी (22), हमीरपुर के मोहित उर्फ सनी (23) और कासगंज के अरुण कुमार मौर्य (18) के रूप में हुई है। सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को इस केस की जांच के लिए यूपी पुलिस ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठित किया।
दरअसल, इसी साल 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। उमेश पाल हत्याकांड मामले में 13 अभियुक्तों में से अतीक, उसके भाई अशरफ और बेटे असद समेत अब तक छह आरोपी पुलिस के साथ मुठभेड़ या अन्य गोलीकांड में मारे जा चुके हैं।
