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तीन राज्यों की 296 सीटों पर मतदान शुरू; Voter Card नहीं है तो इन 12 वैकल्पिक ID प्रूफ को दिखाकर डाल सकेंगे वोट

असम, केरल और पुडुचेरी की सभी सीटों पर मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चुनाव आयोग ने वोटर आईडी न होने पर 12 वैकल्पिक दस्तावेजों की अनुमति दी है। जानें कौन से हैं वो आईडी कार्ड्स।

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इन कार्ड्स से कर सकते हैं मतदान

Photo : Times Now Digital

लोकतंत्र के महापर्व के तहत आज असम, केरल और पुडुचेरी की सभी विधानसभा सीटों पर मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शुरू हो गई है। चुनावी रण में उतरे 1849 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज शाम 5 बजे तक ईवीएम (EVM) में कैद हो जाएगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर एक साथ वोट डाले जा रहे हैं, जिनके चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।

वोटर ID नहीं तो भी डाल सकेंगे वोट

चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं के लिए विशेष राहत दी है जिनके पास फिलहाल मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) उपलब्ध नहीं है। यदि आपका नाम मतदाता सूची (Voter List) में दर्ज है, तो आप आयोग द्वारा निर्धारित 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी भी एक दस्तावेज को दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। इन दस्तावेजों में भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, और बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक जैसे विकल्प शामिल हैं। इसके अलावा मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज और केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होंगे।

पहचान के लिए मान्य अन्य प्रमुख दस्तावेज

आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों पर फर्जीवाड़े को रोकने के लिए पुख्ता पहचान अनिवार्य है। वैकल्पिक दस्तावेजों की सूची में यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड, एनपीआर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड और सांसदों या विधायकों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र भी शामिल हैं। स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड (आयुष्मान भारत) को भी इस बार पहचान के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। हालांकि, आयोग ने कड़ाई से स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में मतदान के लिए आपका नाम निर्वाचक नामावली में होना अनिवार्य है।

'पर्दानशीं' महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था और निजता का सम्मान

चुनावी प्रक्रिया को समावेशी और गरिमापूर्ण बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने घूंघट या बुर्का पहनने वाली महिलाओं के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। मतदान केंद्रों पर ऐसी महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए महिला मतदान अधिकारियों या सहायिकाओं की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पहचान की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय और सम्मानजनक ढंग से की जाएगी, ताकि महिलाओं की निजता और गरिमा बनी रहे।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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