Assam Assembly Election 2026: असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को होने वाले महामुकाबले के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शनिवार को तृणमूल कांग्रेस ने अपने 17 योद्धाओं के नामों का एलान कर दिया। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन नामों को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के "मार्गदर्शन और प्रेरणा" के तहत अंतिम रूप दिया गया है। TMC ने इस बार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर कोकराझार, धुबरी और बराक घाटी में अपने मजबूत चेहरों को मैदान में उतारा है।
मैदान में उतरे ये प्रमुख चेहरे
टीएमसी की पहली सूची में क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा गया है। कोकराझार की बोखूंगरी सीट से उदंगश्री नारजारी, धुबरी की बिलासीपारा से मोमिनुर इस्लाम और गोलपारा की जलेश्वर सीट से आरिफ अख्तर अहमद को टिकट दिया गया है। इसके अलावा, पार्टी ने ऊपरी असम और बराक घाटी की अहम सीटों जैसे डिगबोई से जितेन नाग, माकुम से दिलीप मोरन और कछार की सोनाई सीट से शाहजहां लस्कर पर दांव खेला है। अभयपुरी से कौशिक रंजन दास और बरखेत्री से अमीरुल इस्लाम के नामों ने भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के संकेत दे दिए हैं।
स्टार प्रचारकों की भी उतरी फौज
सिर्फ उम्मीदवार ही नहीं, टीएमसी ने चुनाव प्रचार के लिए अपने 'हैवीवेट' नेताओं की फौज भी उतार दी है। शुक्रवार को चुनाव आयोग को सौंपी गई 18 स्टार प्रचारकों की सूची में ममता बनर्जी खुद कमान संभाल रही हैं। उनके साथ अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा, सुष्मिता देव और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कद्दावर नेता असम की गलियों में पार्टी का प्रचार करते नजर आएंगे।
NDA बनाम गठबंधन का गणित
एक तरफ जहां TMC अकेले दमखम दिखा रही है, वहीं मुख्य मुकाबला एनडीए (NDA) और कांग्रेस गठबंधन के बीच माना जा रहा है। NDA के समीकरण की बात करें तो भाजपा 126 में से 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी असम गण परिषद (AGP) 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 11 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने अपनी चौथी लिस्ट जारी कर अब तक कुल 94 उम्मीदवारों के नाम साफ कर दिए हैं। कांग्रेस ने 'राइजर दल' और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर भाजपा के अभेद्य किले को चुनौती देने की तैयारी की है।
9 अप्रैल को फैसला, 4 मई को नतीजे
असम की सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पूरे राज्य की किस्मत ईवीएम में कैद होने के बाद 4 मई को मतों की गिनती की जाएगी। तृणमूल कांग्रेस की इस एंट्री ने राज्य के कई समीकरणों को उलझा दिया है, जिससे अब मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है।
