Owaisi Vs Rijiju : भारत में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए जारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर हैदराबाद के सांसद ने कहा कि 'भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत दूसरे दर्जे के नागरिकों से घटकर बंधक जैसी हो गई है।' अपने पोस्ट को रिजिजू को टैग करते हुए ओवैसी ने लिखा कि 'आप भारत गणराज्य के मंत्री हैं, कोई राजा नहीं। आप एक संवैधानिक पद पर हैं, किसी गद्दी पर नहीं बैठे हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकार उनके मौलिक अधिकार हैं, कोई खैरात नहीं।'
ओवैसी ने पूछा-क्या मुसलमान हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड के सदस्य हो सकते हैं?
एआईएमआईएम प्रमुख ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर रिजिजू पर हमला बोला और पूछा कि क्या मुसलमान हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड के सदस्य हो सकते हैं? फिर खुद ही जवाब देते हुए कहा, 'नहीं। लेकिन आपका वक्फ संशोधन अधिनियम गैर-मुसलमानों को वक्फ बोर्ड में जबरन शामिल करता है और उन्हें बहुमत बनाने की अनुमति देता है।’ उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने मौलाना आज़ाद नेशनल फ़ेलोशिप को ‘बंद’ कर दिया, 10वीं पूर्व की छात्रवृत्ति का वित्तपोषण ‘बंद’ कर दिया और 10वीं बाद की छात्रवृत्ति तथा प्रतिभा सह आर्थिक आधार से जुड़ी छात्रवृत्ति को सीमित कर दिया।’
'हम आर्थिक और राजनीतिक न्याय की मांग कर रहे'
उन्होंने कहा, ‘यह सब इसलिए क्योंकि इससे मुस्लिम छात्रों को फायदा हुआ।’ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों की संख्या अब उच्च शिक्षा में घटी है और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में उनकी उपस्थिति बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘वे (मुसलमान) आपकी सरकार की आर्थिक नीतियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।’ उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम बहुल इलाकों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और बुनियादी सेवाओं की सबसे अधिक कमी है। ओवैसी ने कहा, ‘हम दूसरे देशों के अल्पसंख्यकों से अपनी तुलना नहीं चाहते। हम बहुसंख्यक समुदाय को मिलने वाली सुविधाओं से ज्यादा की मांग नहीं कर रहे हैं। हम संविधान में दिए गए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की मांग कर रहे हैं।’
हमारे अल्पसंख्यक पलायन क्यों नहीं करते हैं?
एआईएमआईएम अध्यक्ष को जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘ठीक है... हमारे पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यक भारत आना क्यों पसंद करते हैं और हमारे अल्पसंख्यक पलायन क्यों नहीं करते हैं? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की कल्याणकारी योजनाएं सभी के लिए हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की योजनाएं अल्पसंख्यकों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करती हैं।’
हमें भागने की आदत नहीं है-ओवैसी
ओवैसी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पलटवार करते हुए कहा, ‘अगर हम पलायन नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि हम खुश हैं। दरअसल, हमें भागने की आदत नहीं है: हम अंग्रेजों से नहीं भागे, हम विभाजन के दौरान नहीं भागे और हम जम्मू, नेल्ली, गुजरात, मुरादाबाद, दिल्ली आदि नरसंहारों के कारण नहीं भागे। हमारा इतिहास इस बात का सबूत है कि हम न तो अपने उत्पीड़कों का साथ देते हैं और न ही उनसे छिपते हैं।’ ओवैसी ने कहा, ‘हम जानते हैं कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए कैसे लड़ना है और हम इंशाअल्लाह ऐसा करेंगे। हमारे महान राष्ट्र की तुलना पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमा, नेपाल और श्रीलंका जैसे असफल राज्यों से करना बंद करें। जय हिंद, जय संविधान! इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपको धन्यवाद।'
