Arvind Kejriwal : केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी दलों का समर्थन पाने में जुटे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को मातोश्री पहुंचे और उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अधिकारियों के ट्रांसफर एवं पोस्टिंग पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ उद्धव शिवसेना गुट का समर्थन मांगा। रिपोर्टों के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने आम आदमी पार्टी (AAP) को अपना समर्थन दिया और कहा कि उनकी पार्टी संसद में इस अध्यादेश का विरोध करेगी।
उद्धव गुट के साथ हमारा रिश्ता लंबा चलेगा-केजरीवाल
उद्धव से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा, 'उद्धव ने हम लोगों के साथ घर के सदस्यों जैसा बर्ताव किया। हम भी रिश्तों में विश्वास करते हैं। हमारा यह संबंध जीवन भर चलेगा।' केजरीवाल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, राघव चड्ढा और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी भी थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमारे सभी अधिकार 2015 में ले लिए गए। बीते आठ सालों से हम सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।'
'एससी का सम्मान नहीं करता केंद्र'
उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया और हमसे अधिकार छीन लिए। यह साफ इशारा करता है कि वे शीर्ष अदालत का सम्मान नहीं करते।' बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दिल्ली में अधिकारियों का ट्रांसफर एवं पोस्टिंग करने का अधिकार मुख्यमंत्री का है। इसके बाद केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी कर यह अधिकार लेफ्टिनेंट गवर्नर को दे दिया।
मानसून सत्र में विधेयक पेश कर सकती है सरकार
इस अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी दलों का समर्थन जुटाने के लिए देशभर की यात्रा के तहत केजरीवाल ने मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। केंद्र सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और दानिक्स कैडर के अधिकारियों के तबादले और उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही के लिए राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण गठित करने के वास्ते 19 मई को एक अध्यादेश लेकर आई। किसी अध्यादेश को छह महीने के भीतर संसद की मंजूरी मिलना आवश्यक होता है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में इस अध्यादेश से संबंधित विधेयक पेश कर सकती है। केजरीवाल की कोशिश इस विधेयक को राज्यसभा में रोकने की है।
