वाराणसी: बच्चा सुनाने लगा शिव तांडव स्तोत्र तो PM मोदी ने बुला लिया अपने पास, देखें Video

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 7, 2022, 05:06 PM IST

PM Modi In Varanasi: सरकारी स्कूल के बच्चों से मिलकर प्रधानमंत्री मोदी काफी खुश नजर आए। पीएम मोदी तब सबसे ज्यादा खुश हुए, जब एक बच्चा उनके सामने शिव तांडव स्तोत्र सुनाने लगा। 

वाराणसी: बच्चा सुनाने लगा शिव तांडव स्तोत्र तो PM मोदी ने बुला लिया अपने पास, देखें Video
Photo Credit: ANI

PM Modi In Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे थे। पीएम मोदी ने काशी को 1800 करोड़ रुपये की सौगात दी। इस मौके पर पीएम ने अक्षय पात्र मिड डे मील किचन का भी उद्घाटन किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। इस दौरान सरकारी स्कूल के बच्चों से मिलकर प्रधानमंत्री मोदी काफी खुश नजर आए। पीएम मोदी तब सबसे ज्यादा खुश हुए, जब एक बच्चा उनके सामने शिव तांडव स्तोत्र सुनाने लगा। 

न्यूज एजेंसी एएनआई ने इसका वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक बच्चा पीएम मोदी से मिलकर उन्हें शिव तांडव स्तोत्र सुनाने लगता है। इतने छोटे बच्चे के मुंह से शिव तांडव स्तोत्र सुनकर पीएम मोदी काफी गदगद हो जाते हैं। इसके बाद पीएम उसे अपने नजदीक बुला लेते हैं और काफी गौर से शिव तांडव स्तोत्र सुनने लगते हैं। इसके बाद पीएम मोदी बच्चे की हौसलाफजाई करते हैं। इसके अलावा एक बच्ची ने पीएम मोदी को मां सरस्वती की वंदना भी सुनाई। इन बच्चों के बीच पीएम मोदी काफी खुश नजर आ रहे थे।

बच्चों के मन को समझना होगा- पीएम मोदी

पीएम मोदी इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और कन्वेंशन सेंटर-रुद्राक्ष पहुंचे। उन्होंने वहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि अखिल भारतीय शिक्षा समागन का आयोजन उस धरती पर हो रहा है, जहां आजादी से पहले देश की महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। भारत में मेधावियों की कमी नहीं है, लेकिन शिक्षा को संकुचित सोच से निकालना जरूरी है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें बच्चों के मन समझना होगा। उन्हें उनकी पसंद की शिक्षा देना जरूरी है। पीएम ने कहा कि हमें खुद को बदलना होगा और व्यवस्थाओं को विकसित करना होगा। हम केवल डिग्री धारक युवाओं को तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ाने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो वो देश को दें। उन्होंने कहा कि हमारे युवा कुशल हों, आत्मविश्वासी हों, व्यावहारिक और गणनात्मक हो, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है।

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