उत्तराखंड में मंत्रियों को हुआ विभागों का बंटवारा, CM धामी ने गृह और राजस्व विभाग अपने पास रखा, जानें किसे क्या मिला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 29, 2022, 09:44 PM IST

Uttarakhand: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रियों को उनके विभाग बांट दिए हैं। गृह और राजस्व विभाग उन्होंने अपने पास रखा है।

उत्तराखंड में मंत्रियों को हुआ विभागों का बंटवारा, CM धामी ने गृह और राजस्व विभाग अपने पास रखा, जानें किसे क्या मिला

Uttarakhand Ministers Portfolio: उत्तराखंड में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास गृह और राजस्व विभाग रखा है। सतपाल महाराज को PWD, प्रेमचंद अग्रवाल को वित्त और गणेश जोशी को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सीएम धामी ने 23 विभाग अपने पास रखे हैं। सुबोध उनियाल को वन विभाग मिला है। 

वहीं धन सिंह रावत को स्वास्थ्य के साथ विद्यालय शिक्षा की भी जिम्मेदारी दी गई है। रेखा आर्या प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री बनी हैं। चंदनराम दास को परिवहन विभाग दिया गया है, जबकि सौरभ बहुगुणा को गन्ना विकास विभाग दिया गया है।

सतपाल महाराज को कुल 8 विभाग दिए गए हैं, जिसमें पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण और पर्यटन भी शामिल हैं। प्रेमचंद्र अग्रवाल को 6 विभाग दिए गए हैं, जिसमें शहरी विकास आवास, जनगणना शामिल है। 

पुष्कर सिंह धामी ने 23 मार्च को लगातार दूसरी बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कैबिनेट के कई मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। धामी के साथ आठ कैबिनेट मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली जिसमें से पांच- सतपाल महाराज, गणेश जोशी, धनसिंह रावत, सुबोध उनियाल और रेखा आर्य भाजपा नीत पूर्ववर्ती सरकारों का भी हिस्सा रहे हैं। धामी मंत्रिमंडल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ​सहित तीन नए चेहरों को भी जगह दी गई। मंत्रिमंडल में स्थान पाने वाले दो अन्य नए चेहरे सौरभ बहुगुणा और चंदन रामदास हैं। सौरभ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र हैं। उत्तराखंड के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 12 सदस्य हो सकते हैं।

प्रदेश की 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के 10 मार्च को घोषित परिणामों में भाजपा ने 47 सीटों पर जीत हासिल कर दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ प्रदेश में लगातार दूसरी बार सत्तासीन होने का इतिहास रचा है।

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