तेलंगाना में एसटी आरक्षण 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत होगा, CM के चंद्रशेखर राव ने किया ऐलान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 17, 2022, 08:13 PM IST

K Chandrashekar Rao: मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा कि पूरी दुनिया में आदिवासी भाषा एक ही तरह बोली जाती है। ये एक बेहतरीन चीज है। तेलंगाना राज्य में आदिवासी बच्चों को एसटी, महाराष्ट्र में बीसी और अन्य जगहों पर ओसी माना जाता है। हमने केंद्र सरकार से कहा है कि इन सभी को समान रूप से मान्यता देने की जरूरत है।

तेलंगाना में एसटी आरक्षण 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत होगा, CM के चंद्रशेखर राव ने किया ऐलान
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K Chandrashekar Rao: मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शनिवार को आदिवासी बंजारा सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तेलंगाना में एसटी आरक्षण को वर्तमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर दस प्रतिशत करने के लिए एक हफ्ते में सरकारी आदेश जारी किया जाएगा। साथ ही कहा कि ये मोदी सरकार पर निर्भर है कि इसे कितना जल्द लागू किया जाएगा। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री केसीआर ने दलित बंधु की तर्ज पर गिरिजन बंधु योजना को लागू करने की घोषणा की, जिसमें पोडु भूमि के निपटान के बाद आदिवासी समुदाय को उद्यम शुरू करने दस लाख की सहायता दी जाएगी। इसके लिए भूमिहीन या बिना किसी अन्य आजीविका के एसटी परिवारों की गणना की जाएगी।

मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा कि जो भूमिहीन हैं और जिनके पास आजीविका नहीं है, हम लाभार्थियों की पहचान करेंगे और दलित बंधु उद्यमी योजना की तरह तेलंगाना सरकार गिरिजन बंधु योजना जल्द ही शुरू करेगी। दलित बंधु के समान पोडु भूमि के मुद्दे को हल करने के बाद आदिवासी समुदायों को गिरिजन बंधु योजना के तहत दस लाख की सहायता किसी भी उद्यम को शुरू  करने के लिए दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शनिवार को को तेलंगाना के राष्ट्रीय एकता दिवस के 'वज्रोत्सव' के अवसर पर आदिवासी और बंजारा भवनों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री केसीआर ने हैदराबाद के बंजारा हिल्स में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित कोमुराम भीम और सेवालाल महाराज के नाम पर आदिवासी और बंजारा भवन का उद्घाटन किया। सरकार ने दो भवनों का निर्माण उच्चतम स्तर पर दो समुदायों के स्वाभिमान को संवर्धन  प्रदान करने के उद्देश्य से किया है।

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मुख्यमंत्री केसीआर ने कोमूराम भीम की एक प्रतिमा का किया अनावरण 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदिवासी और बंजारा भवनों में पहुंचे, जहां सैकड़ों आदिवासी कलाकारों ने गोंड बंजारा पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक वाद्ययंत्रों और संगीत के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कोमूराम भीम की एक प्रतिमा का अनावरण किया, जिसे भवन में स्थापित किया गया था और राष्ट्रीय एकता दिवस के वज्रोत्सव के अवसर पर गोंड नायक और तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष के स्वतंत्रता सेनानी को पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर आदिवासी भाइयों ने सीएम केसीआर को अपनी पारंपरिक पगड़ी पहनाई।

दोनों भवनों के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री केसीआार ने कहा कि आत्म सम्मान की सभा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में आने वाले सभी आदिवासी और बंजारा लोगों को मेरा दिल से सलाम और शुभकामनाएं। ये भारत के आदिवासी लोगों के लिए एक प्रेरणादायक अवसर है। मैंने कई बार आंदोलन के दौरान कहा है कि हमारी राजधानी में बंजारा हिल्स नामक एक क्षेत्र है, लेकिन उन्होंने कहा कि बंजारा के लिए एक भी गज की जगह नहीं है। हम आज आदिवासी और बंजारा भवनों का शुभारंभ करते हुए बहुत खुश हैं। ये भारत के सभी आदिवासी लोगों के लिए एक प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय से आए कर्मचारियों, नेताओं और बुद्धिजीवियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों का नेतृत्व करें।

केसीआर ने पोडु भूमि के मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने के लिए समितियों का गठन करने के आदेश किए जारी

मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा कि पूरी दुनिया में आदिवासी भाषा एक ही तरह बोली जाती है। ये एक बेहतरीन चीज है। तेलंगाना राज्य में आदिवासी बच्चों को एसटी, महाराष्ट्र में बीसी और अन्य जगहों पर ओसी माना जाता है। हमने केंद्र सरकार से कहा है कि इन सभी को समान रूप से मान्यता देने की जरूरत है। सरकार ने राज्य में पोडु भूमि के मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने के लिए समितियों का गठन करने के आदेश भी जारी किए हैं। सीएम केसीआर ने समुदाय से मुख्य सचिव का सहयोग लेने का आग्रह किया, जो आदिवासी मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। इस समारोह में मंत्री सत्यवती राठौर, महमूद अली, श्रीनिवास यादव, श्रीनिवास गौड़, सबिता इंद्र रेड्डी, मल्लारेड्डी, सांसद के केशवराव, मुख्यसचिव सोमेश कुमार, मलोथू कविता नाइक, एमएलसी पल्ला राजेश्वर रेड्डी,ठक्केलपल्ली रविंदर राव उपस्थित थे।

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