Sidhu Moose Wala murder: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को फेक एनकाउंटर का डर, किया कोर्ट का रुख, अदालत ने नहीं किया विचार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 30, 2022, 07:32 PM IST

जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने पटियाला हाउस कोर्ट में पंजाब पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ की आशंका को लेकर याचिका दायर की है। कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है।

Sidhu Moose Wala murder: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को फेक एनकाउंटर का डर, किया कोर्ट का रुख, अदालत ने नहीं किया विचार

पंजाब में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की सनसनीखेज हत्या के मामले में ऐसे कई खुलासे हो रहे हैं जो चौंकाने वाले हैं। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब पुलिस से एनकाउंटर की आशंका जताते हुए मकोका कोर्ट का रुख किया है। हालांकि कोर्ट के स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि सुरक्षा, स्टेट का विषय है। इसमें कोर्ट दखल नहीं दे सकता है। कोर्ट इस बारे में कोई आदेश पास नहीं कर सकता। वहीं मूसेवाला की हत्या के बाद इस्तेमाल हुई कार बरामद हो गई है। हत्या के बाद शूटर्स इस कार से भागे थे। पंजाब के मोगा से कार बरामद की गई है।

लॉरेंस बिश्नोई अंतरराज्यीय अपराध सिंडिकेट चलाने के लिए मकोका के तहत मुकदमे का सामना कर रहा है। स्पेशल सेल दिल्ली पुलिस का मामला हाई कोर्ट में भी है। बिश्नोई ने एनआईए अदालत का रुख करते हुए कहा कि उसके लंबित मुकदमे से समझौता किया गया है क्योंकि विभिन्न राज्य उनके नाम पर प्रोडक्शन वारंट के साथ दिल्ली पुलिस से संपर्क कर रहे हैं। बिश्नोई चाहता है कि यदि पंजाब पुलिस (या कोई अन्य राज्य पुलिस) उसके लिए पेशी वारंट लेकर आती है, तो एनआईए कोर्ट को पूर्व सूचना दी जाए और उसके खिलाफ लंबित मकोका मुकदमे से पहले उसकी हिरासत नहीं दी जाए। उसे पंजाब पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ की आशंका है। 

सिद्धू मूसेवाला का मर्डर एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। जिसमें कई नाम हैं। और इसका कनेक्शन दिल्ली से लेकर कनाडा तक है। इस पूरे मर्डर के पीछे अब कई कहानियां खुलकर सामने आ रही हैं। इस पूरी कहानी में जेल में बंद लॉरेन्स बिश्नोई है। कुछ दिन पहले पुलिस की पकड़ में आया शाहरुख का भी नाम है। और एक नाम है गोल्डी बरार का, वही गोल्डी जो रहता कनाडा में है लेकिन आरोप है कि जो हुआ है वो सब उसके इशारे पर हुआ है। 

अब तक की जानकारी बता रही है कि सिद्धू मूसेवाला की जान लेने के पीछे सबसे पहले प्लान कनाडा में बना, फिर इसे दिल्ली तक पहुंचाया गया। इस साजिश को रचने का काम राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी किया गया। इस पूरी कहानी में एक शाहरुख की भूमिका सबसे संदिग्ध है। फिलहाल पुलिस शाहरुख से पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश में है। तिहाड़ जेल में सिग्नल एप का इस्तेमाल हो रहा था, संदिग्ध शाहरुख सिग्नल फोन से बात करता था। कनाडा में रहने वाले गोल्डी बरार से सिग्नल ऐप से बात करता था। संदिग्ध शाहरुख का फोन अब पुलिस के पास है। मूसेवाला की हत्या के बाद एक फेसबुक पोस्ट की भी खूब चर्चा हुई। हालांकि पुलिस ने उसे लेकर तत्परता दिखाई और उसे सोशल मीडिया से हटा दिया। हालांकि फेसबुक पोस्ट में जिस तरह की बातें लिखी गई थी, उसमें मूसेवाला की हत्या का जश्न झलक रहा था और किसी तरह से बदला ले लेने की खुशी भी थी। 

End of Article