शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना' के जरिए फिर किया बीजेपी पर हमला, अल-कायदा से की 'ऑपरेशन लोटस' की तुलना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 26, 2022, 09:50 AM IST

Operation Lotus: 'सामना' के मुताबिक केंद्र सरकार ने अपराधी की तरह उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर जनता की सरकार को बदनाम किया। ईडी का इस्तेमाल महाराष्ट्र में भी सरकार गिराने के लिए किया गया था।

शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना' के जरिए  फिर किया बीजेपी पर हमला, अल-कायदा से की 'ऑपरेशन लोटस' की तुलना
Photo Credit: ANI

Operation Lotus: देशभर के कई राज्यों में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर शिवसेना ने शुक्रवार को बीजेपी पर निशाना साधा है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए बीजेपी के मौजूदा हालात की कड़ी आलोचना की है। साथ ही कहा कि 'ऑपरेशन लोटस' यानी 'कमल' अलकायदा की तरह आतंक का शब्द बन गया है।

अल-कायदा से की 'ऑपरेशन लोटस' की तुलना 

वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि देश की स्थिति भ्रमित करने वाली हो गई है। अब ऐसी कई भ्रमित करने वाली चीजें हैं। भगवान विष्णु का पसंदीदा फूल 'कमल' सरकारें चुनने, विपक्षी सरकारों को उखाड़ फेंकने और पार्टियों को विभाजित करने के कारण बदनाम हो गया है। 'ऑपरेशन लोटस' अलकायदा की तरह आतंक का शब्द बन गया। दिल्ली सरकार को गिराने के लिए शुरू किया गया 'ऑपरेशन लोटस' 'विफल' हो गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि बीजेपी का पर्दाफाश हो गया है।

बिहार में नहीं चला 'ऑपरेशन लोटस'

वहीं बिहार में भी 'ऑपरेशन लोटस' नहीं चला और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी चंद्रशेखर राव ने अमित शाह को खुली चुनौती दी कि ईडी, सीबीआई आदि लगाकर मेरी सरकार गिराओ। 'सामना' में कहा गया था कि महाराष्ट्र में शिंदे गुट की तरह झुकने को कोई तैयार नहीं है। दूसरे राज्यों में ईडी के डर से वे घुटनों के बल चले गए।

सबसे महत्वपूर्ण डेवलपमेंट दिल्ली में हुआ। यहां ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल कर केजरीवाल की सरकार गिराने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली सरकार की शराब नीति, उसकी आबकारी नीति, शराब विक्रेताओं को दिए गए ठेके बीजेपी के लिए आलोचना का विषय होंगे, लेकिन वह निर्णय व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरी सरकार का था और इसमें दिल्ली के उपराज्यपाल भी शामिल हैं। लेकिन सीबीआई ने 'कैबिनेट' के फैसले को दोषी ठहराते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के यहां छापेमारी की। उन्हें इस मामले में नंबर एक आरोपी बनाया गया था और अब इस मामले को ईडी यानी बीजेपी की विशेष शाखा को सौंप दिया गया है। 

'सामना' के मुताबिक केंद्र सरकार ने अपराधी की तरह उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर जनता की सरकार को बदनाम किया। ईडी का इस्तेमाल महाराष्ट्र में भी सरकार गिराने के लिए किया गया था। लेकिन सिसोदिया भगोड़े सज्जन नहीं हैं। ये सब केजरीवाल सरकार को गिराने के लिए चल रहा है। शिवसेना के मुखपत्र में आगे कहा गया मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद बीजेपी पर करोड़ों रुपए का 'प्रस्ताव' देने का आरोप लगाया है, इसलिए 'ऑपरेशन लोटस' लोकतंत्र के लिए कितना खतरनाक और आजाद है ये सबके सामने आ गया है।

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