CDS Bipin Rawat Funeral: हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए भारत के प्रधान रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 लोगों को आज अंतिम विदाई दी जा रही है। जनरल बिपिन रावत का पार्थिव शरीर उनके आवास से बरार स्क्वायर ले जाया जा रहा है जहां वो पंचतत्व में विलीन होंगे। इस दौरान जनरल रावत को 17 तोपों की सलामी दी जाएगी और 800 जवान मौजूद रहेंगे। जनरल रावत के अंतिम संस्कार में देश ही नहीं दुनिया के विभिन्न देशों के सैन्य कमांडर भी शामिल हो रहे हैं और सीडीएस रावत को अंतिम विदाई दे रहे हैं।
मित्र देशों से निम्नलिखित वरिष्ठ सैन्य कमांडर हमारे सीडीएस जनरल बिपिन रावत की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं-
- श्रीलंका: जनरल शैवेंद्र सिल्वा, चीफ ऑफ डेफ स्टाफ और श्रीलंका सेना के कमांडर।
- एडमिरल रवींद्र चंद्रसिरी विजेगुनारत्ने (सेवानिवृत्त), पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (नेशनल डिफेंस कॉलेज में जरनल रावत के पाठ्यक्रम साथी और एक प्रिय मित्र)
- भूटान: ब्रिगेडियर दोरजी रिनचेन, उप मुख्य संचालन अधिकारी, रॉयल भूटान सेना
- नेपाल: सुप्रोबल जनसेवाश्री लेफ्टिनेंट जनरल बाल कृष्ण कार्की, जनरल स्टाफ के प्रमुख (सेना के उप प्रमुख के समकक्ष), नेपाली सेना
- बांग्लादेश: लेफ्टिनेंट जनरल वेकर-उज़-ज़मान, प्रधान स्टाफ अधिकारी, सशस्त्र बल प्रभाग, बांग्लादेश
भूटान से थे जनरल के शानदार संबंध
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि भूटान नरेश के पिता जिग्मे सिंग्ये वांगचुक ने भी जनरल रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य को श्रद्धांजलि दी। अधिकारी ने बताया, ‘भूटान नरेश और उनके पिता ने शोकाकुल परिवारों, भारत की जनता और सरकार को संवेदना संदेश भेजा है।’ अपने करियर के दौरान जनरल रावत कई बार भूटान यात्रा पर गए थे और देश के शीर्ष नेतृत्व से उनके संबंध बहुत अच्छे थे।
दिल्ली की सड़कों पर हुजूम
जनरल रावत को अंतिम सलामी देने के लिए दिल्ली की सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा है। हर कोई अपने कमांडर के अंतिम दर्शन करना चाहता है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा शुक्रवार को देश भर के 500 'शहीद स्मारकों' में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में 11 अन्य शहीद हुए सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करेगी।

