MACP का फायदा साल 2008 से पाएंगे ये कर्मचारी- SC का फैसला; ग्रेड पे के समकक्ष रहेगा आर्थिक अपग्रेडेशन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 23, 2022, 07:57 AM IST

SC decision related to Modified Assured Career Progression Scheme: बेंच ने कहा कि अदालतें आमतौर पर क्षेत्र में विशेषज्ञों की ओर से सुविचारित निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं करेंगी, जब तक अडॉप्टेशन वैधानिक उल्लंघन के कारण खराब न हो।

MACP का फायदा साल 2008 से पाएंगे ये कर्मचारी- SC का फैसला; ग्रेड पे के समकक्ष रहेगा आर्थिक अपग्रेडेशन
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SC decision related to Modified Assured Career Progression Scheme: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सशस्त्र बलों में संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति योजना (Modified Assured Career Progression Scheme : MACP) सरकार की ओर से लिया गया एक सुविचारित फैसला है। सोमवार (22 अगस्त, 2022) को यह टिप्पणी करते हुए जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की बेंच ने कहा, "एमएसीपी योजना कर्मचारियों के एक वर्ग के लिए तर्कहीन, अन्यायपूर्ण और प्रतिकूल नहीं है, बल्कि यह एक सुविचारित निर्णय है। इसमें सभी सामग्री और प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखा गया है।"

अदालत ने फैसला सुनाया कि एमएसीपी योजना एक सितंबर, 2008 से लागू है। एमएसीपी योजना के अनुसार धारा एक भाग में बताए गए वेतन बैंड के पदानुक्रम में तत्काल अगले ग्रेड वेतन (Grade Pay) के बराबर वित्तीय उन्नयन (Economic Upgradation) के लिए पात्रता है। बेंच ने कहा कि अदालतें आमतौर पर क्षेत्र में विशेषज्ञों की ओर से सुविचारित निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं करेंगी, जब तक अडॉप्टेशन वैधानिक उल्लंघन के कारण खराब न हो।

कहा गया कि संविधान की तरफ से कार्यपालिका को चुनने का अधिकार दिया गया है, क्योंकि उसका कर्तव्य निर्वहन करना है और वह अपनी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार और जवाबदेह है। न्यायालय वैधता चुनौती की जांच करता है। टॉप कोर्ट के मुताबिक, वेतन तय करना और सेवा की शर्तों सहित वित्तीय मामलों में, प्रचलित वित्तीय स्थिति, अतिरिक्त दायित्व वहन करने की क्षमता जैसे कई कारक प्रासंगिक हैं और इसलिए अदालतें सावधानी से चलती हैं क्योंकि हस्तक्षेप का गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। सरकारी खजाने और गंभीर वित्तीय निहितार्थ हैं।

वेतनमानों और प्रोत्साहनों का निर्धारण सरकार की ओर से लिए गए निर्णय का मामला है, जो केंद्रीय वेतन आयोग जैसे विशेषज्ञ निकाय की सिफारिश के आधार पर लेना चाहिए। योजना के तहत, नियमित सेवा के 10, 20 और 30 साल पूरे होने पर एक कर्मचारी केंद्रीय सिविल की पहली अनुसूची के सेवाएं (संशोधित वेतन) नियम, 2008 के भाग एक, भाग ए में दिए गए अनुसार अगले उच्च ग्रेड वेतन और ग्रेड वेतन में वित्तीय उन्नयन का हकदार है।

बेंच के अनुसार, "यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एमएसीपी योजना 10, 20 और 30 साल की अवधि के बाद तीन वित्तीय उन्नयन के अनुदान को निर्धारित करती है, जबकि एसीपी योजना ने 12 और 24 की अवधि के बाद केवल दो वित्तीय उन्नयन का अनुदान दिया था।" (आईएएनएस इनपुट्स के साथ) 

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