AIIMS में सफाईकर्मी को लगाया गया कोरोना वायरस का पहला टीका, इस तरह बयां किया अनुभव

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 16, 2021, 02:36 PM IST

Corona vaccination: एम्स में टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर अस्पताल के एक सफाई कर्मी मनीष कुमार को स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की उपस्थिति में कोविड​​-19 का पहला टीका लगाया गया।

AIIMS में सफाईकर्मी को लगाया गया कोरोना वायरस का पहला टीका, इस तरह बयां किया अनुभव
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नई दिल्ली: देश में आज से कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण शुरू हो गया है। दिल्ली एम्स में कोविड-19 का पहला टीका सफाई कर्मी मनीष कुमार को लगाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन वहीं मौजूद थे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया भी इस दौरान मौजूद रहे। बाद में उन्होंने भी कोरोना वैक्सीन लगवाई। 

वैक्सीन लगवाने के बाद मनीष कुमार ने कहा, 'मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा रहा है, मेरे मन में जो डर था वो निकल गया। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन सबको लगवानी चाहिए।' 

वहीं डॉ. गुलेरिया ने कहा कि मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि मुझे वैक्सीन लगी। मैं उम्मीद करता हूं कि जब लोगों की वैक्सीन लगवाने की बारी आए तो ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं ताकि हम मृत्यु दर को कम कर सकें और संक्रमण को फैलने से रोक पाएं। उन्होंने कहा, 'हमने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है और हमें पूरा विश्वास है कि यह एक सुगम कार्यक्रम होगा और हम बहुत बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण कर सकेंगे। जहां तक महामारी का संबंध है, यह अंत की शुरुआत है।' 

स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी

इस मौके पर हैकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'यह शायद दुनिया में कहीं भी कोविड के खिलाफ सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है। भारत के पास ऐसे मुद्दों को संभालने का जबरदस्त अनुभव है। भारत ने पहले पोलियो और चेचक के खिलाफ जंग जीती है और अब भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 के खिलाफ जंग जीतने के निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई पहले ही जीत के रास्ते पर है और वैक्सीन को संजीवनी की तरह याद रखा जाएगा। ये (वैक्सीनेशन) एक बहुत बड़ी एक्सरसाइज है। मुझे आज बहुत खुशी है, वैक्सीन कोविड 19 के खिलाफ जंग में संजीवनी का काम करेगी। 

सरकार के अनुसार, लगभग एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों और दो करोड़ फ्रंटलाइन कर्मियों को पहले टीके लगाए जाएंगे, उसके बाद 50 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों को और फिर 50 साल से कम उम्र के मरीजों को टीके लगाए जाएंगे।

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