पालघर के बाद अब पंजाब में संत पर हमला, पुष्पिंदर महाराज ने खुद बताया हमलावरों का मकसद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 25, 2020, 05:49 PM IST

Attacks on Saint in Punjab: कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अब पंजाब में भी एक साधु पर हमले की खबर आई है लेकिन यहां हमलावर का मकसद बिल्कुल अलग था।

पालघर के बाद अब पंजाब में संत पर हमला, पुष्पिंदर महाराज ने खुद बताया हमलावरों का मकसद

चंडीगढ़: पालघर में कुछ दिन पहले दो साधुओं की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि ताजा मामला पंजाब के होशियारपुर से आया है। यहां एक संत पर हमला हुआ है। हालांकि यहां संत पर हमला करने का मकसद बिल्कुल अलग था। 23 अप्रैल को हुए इस हमले में संत पुष्पिंदर महाराज को कई चोटें आई हैं। इस मामले पर पंजाब पुलिस ने भी बयान जारी किया है।

ना हो राजनीतिकरण

होशियारपुर के एसएचओ गोविंदर कुमार ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'इस मामले का बिल्कुल भी राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। यह हमला चोरी के मकसद से किया गया था। यहां तक कि स्वामी ने खुद इस बारे में यही बयान दिया है। हमारी जांच जारी है।'

पीड़ित संत ने बताया मकसद

वहीं हमले के पीड़ित संत पुष्पिंदर महाराज ने भी इस बारे में बात करते हुए कहा, 'हमलावरों के पास कोई धारदार हथियार नहीं था। मुझे नहीं लगता कि उनका मकसद मुझे मारना था। वे स्थानीय नशेड़ी थे जो सिर्फ पैसा चाहते थे। उन्होंने मेरे पैसे छीन लिए और चले गए। इस घटना का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।'

पालघर में संतो की हत्या

 आपको बता दें कि कुछ दिन पहले पालघर में भीड़ ने दो साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। भीड़ ने चोर होने के संदेह में तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल था। मृतकों साधु जूना अखाड़े से ताल्लुक रखते थे।  सोशल मीडिया में इस घटना के वीडियो भी वायरल हुए थे और लोगों ने महाराष्ट्र सरकार से इस मामले की जांच कराने की मांग की थी।

उद्धव ठाकरे ने दिया था बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस बारे में बयान देते हुए कहा कि हमने 2 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है और 100 से अधिक लोगों और 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उद्धव ने गृह मंत्री अमित शाह से पालघर मॉब लिंचिंग मामले को सांप्रदायिक रंग देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था। वहीं राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने वालों की आलोचना करते हुए उन्हें चेताया था।

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