पेगासस के मसले पर सरकार की दो टूक- इस पर अलग से चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 31, 2022, 07:55 PM IST

Pegasus issue: पेगासस के मामले पर सरकार ने कहा है कि कई पार्टियों ने पेगासस का मुद्दा उठाया है। हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति मामले की जांच कर रही है और बजट सत्र के पहले भाग में बजट से संबंधित मुद्दों को उठाया जाना चाहिए।

पेगासस के मसले पर सरकार की दो टूक- इस पर अलग से चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं
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Pegasus News: संसद के बजट सत्र में विपक्ष द्वारा पेगासस स्पाइवेयर का मुद्दा उठाए जाने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि इस मुद्दे पर अलग से चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि यह मामला विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि हमने विपक्ष से कहा है कि बजट सत्र के पहले भाग के दौरान हम केवल बजट और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा कर सकते हैं। इसलिए अलग से चर्चा करना संभव नहीं होगा। किसी भी मामले में, मामला अभी न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है। 

जोशी ने कहा कि इस मुद्दे पर जो कुछ भी कहने की जरूरत है, वह सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले साल मानसून सत्र के दौरान सदन के पटल पर पहले ही कह दिया था। 

विपक्ष के कई सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आईटी मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का उल्लंघन दर्ज करने की मांग की है। इस पर जोशी ने कहा कि वे आगे बढ़ सकते हैं। इसे स्वीकार करना या न करना स्पीकर पर निर्भर करता है लेकिन इसमें कोई दम नजर नहीं आता। 

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के प्रस्ताव पर बोलते समय नेता हर संभव मुद्दे उठा सकते हैं और उन्हें प्रधानमंत्री से जवाब मिलेगा। कई विपक्षी दलों ने पेगासस के मुद्दे पर सरकार पर झूठे साक्ष्य देने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र ने संसद और सर्वोच्च न्यायालय में भी झूठ बोला था। 

न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट से शुरू हुआ बवाल

कथित पेगासस स्पाइवेयर खरीद सौदे के संबंध में अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद वकील एमएल शर्मा ने प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच करने के निर्देश की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में कहा गया है कि कथित भारत-इजरायल सौदे को संसद ने मंजूरी नहीं दी थी और इसलिए इसे रद्द करने और पैसा वसूल करने की जरूरत है। न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने 2017 में इजराइल के साथ दो अरब डॉलर के रक्षा सौदे के हिस्से के रूप में पेगासस स्पाइवेयर खरीदा था। पिछले साल कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूहों के एक संगठन ने दावा किया था कि कई भारतीय नेताओं, मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कारोबारियों और पत्रकारों के खिलाफ पेगासस का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया है।

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