ताकतवर पीएम सिर्फ ताकतवरों की करते हैं मदद, देश को अब कमजोर पीएम की जरूरत, बोले असदुद्दीन ओवैसी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 10, 2022, 08:17 PM IST

Asaduddin Owaisi: ओवैसी ने कहा कि बीजेपी के पास लगभग 306 सांसद हैं, लेकिन पीएम मोदी अभी भी शिकायत करते हैं कि सिस्टम उन्हें काम करने की अनुमति नहीं देता है।

ताकतवर पीएम सिर्फ ताकतवरों की करते हैं मदद, देश को अब कमजोर पीएम की जरूरत, बोले असदुद्दीन ओवैसी
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Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद भारत में एक कमजोर प्रधानमंत्री होना चाहिए ताकि समाज के कमजोर वर्गों को लाभ हो। साथ ही ओवैसी ने कहा कि एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री केवल शक्तिशाली लोगों की मदद कर रहे हैं। अहमदाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि भारत को अब एक कमजोर प्रधानमंत्री की जरूरत है। हमने एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री देखा है, अब हमें एक कमजोर पीएम की जरूरत है ताकि वह कमजोरों की मदद कर सके। एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री केवल शक्तिशाली लोगों की मदद कर रहे हैं।

अगले लोकसभा चुनाव के बाद भारत में होना चाहिए एक कमजोर प्रधानमंत्री- ओवैसी

कमजोर प्रधानमंत्री बनने पर कमजोर को होता है फायदा- ओवैसी

ओवैसी ने आगे कहा कि देश को "खिचड़ी" या बहुदलीय सरकार की भी आवश्यकता है। ओवैसी ने कहा कि जब कोई कमजोर प्रधानमंत्री बनता है, तो कमजोर को फायदा होता है। जब एक मजबूत व्यक्ति प्रधानमंत्री बनता है, तो शक्तिशाली लाभ होता है। 2024 (चुनाव) के लिए यही प्रयास होना चाहिए। चलिए देखते हैं क्या होता है।

ओवैसी ने कहा कि बीजेपी के पास लगभग 306 सांसद हैं, लेकिन पीएम मोदी अभी भी शिकायत करते हैं कि सिस्टम उन्हें काम करने की अनुमति नहीं देता है। साथ ही पूछा कि आप गरीबों, किसानों और युवाओं की मदद करने में सक्षम होने के लिए और क्या शक्ति चाहते हैं? 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के बाद सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री ने सिस्टम को दोषी ठहराया जब बेरोजगारी, मुद्रास्फीति, चीनी घुसपैठ और कॉर्पोरेट टैक्स की छूट और उद्योगपतियों के बैंक ऋण के बारे में सवाल किया गया। वहीं आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से अलग नहीं है, क्योंकि उसने बिलकिस बानो मामले में दोषियों की विवादास्पद रिहाई पर चुप्पी साध रखी है।

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