कहीं ये कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी तो नहीं...अशोक गहलोत के सामने लगे मोदी-मोदी के नारे, बाबा रामदेवरा के दर्शन करने पहुंचे थे CM

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 2, 2022, 06:41 PM IST

Rajasthan: राजस्थान में सीएम की कुर्सी को लेकर कांग्रेस में ही तनातनी चल रही है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच पिछले चुनाव के समय से ही विवाद है।

कहीं ये कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी तो नहीं...अशोक गहलोत के सामने लगे मोदी-मोदी के नारे, बाबा रामदेवरा के दर्शन करने पहुंचे थे CM
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राजस्थान में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में बीजेपी कानून-व्यवस्था से लेकर कई मुद्दों पर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। खुद कांग्रेस में भी सीएम की कुर्सी को लेकर गहलोत खेमे और पायलट खेमे के बीच आंतरिक लड़ाई चल रही है। ऐसे में अशोक गहलोत के सामने ही एक ऐसी घटना घटी है, जिसे अगले चुनाव के लिए खतरे की घंटी मानी जा सकती है।

दरअसल हुआ यूं कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत शुक्रवार को जैसलमेर पहुचे थे। यहां वो बाबा रामदेवरा के दर्शन करने पहुंचे थे। कड़ी सुरक्षा के बीच जब गहलोत यहां पहुंचे तो लोगों ने उनके सामने ही मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान अशोक गहलोत मुस्कुराते रहे और हाथ हिलाते रहे। 

मुख्यमंत्री एक घंटे से अधिक समय तक मंदिर परिसर में रहे और बाद में मीडिया से भी बात की कि कैसे राज्य सरकार 'ओलंपिक खेलों' की शुरुआत करके गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। अशोक गहलोत की बाबा रामदेवरा पर अटूट आस्था है। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वो दो बार रामदेवरा मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। 

मोदी-मोदी के नारे वाला एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें लोग नारे लगा रहे हैं और अशोक गहलोत हाथ हिला रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए कहा- "राहुल गांधी जी के खास सिपहसालार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी रामदेवरा पहुंचे , श्रद्धालुओं ने लगाए मोदी-मोदी के नारे।"

बता दें कि राजस्थान में पिछले कुछ सालों से इतिहास रहा है कि कोई भी सरकार सत्ता में लगातार वापसी नहीं कर पाती है। चाहे वो भाजपा हो या कांग्रेस। वहीं कांग्रेस में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर तनातनी जगजाहिर है।

पायलट तो एक बार बगावत भी कर चुके हैं। ऐसे में बीजेपी को उम्मीदें हैं कि वो सत्ता में वापसी कर सकती है। इसी बीच इस तरह का नारा बीजेपी के मनोबल को और बढ़ा सकता है।  

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