केंद्र का सोशल मीडिया मंचों को निर्देश- कोरोना वायरस का 'भारतीय स्वरूप' बताने वाली सामग्री हटाई जाए

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 22, 2021, 07:51 PM IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस के ‘बी.1.617’ स्वरूप के साथ अपनी किसी रिपोर्ट में ‘भारतीय स्वरूप’ का उल्लेख नहीं किया है।

केंद्र का सोशल मीडिया मंचों को निर्देश- कोरोना वायरस का 'भारतीय स्वरूप' बताने वाली सामग्री हटाई जाए

नई दिल्ली: सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने मंचों से उस सामग्री को हटाएं जिसमें कोरोना वायरस के कथित 'भारतीय स्वरूप' का उल्लेख किया गया है या संदर्भ दिया गया है। सरकार ने यह निर्देश कोविड-19 महमारी से जुड़ी गलत जानकारी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिया है। डिजिटल मंचों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें नवीनतम परामर्श मिला है।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी सोशल मीडिया मंचों को लिखे पत्र में जोर देकर कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस के ‘बी.1.617’ स्वरूप के साथ अपनी किसी रिपोर्ट में ‘भारतीय स्वरूप’ का उल्लेख नहीं किया है। मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि ‘‘फर्जी बयान’’ ऑनलाइन प्रसारित हो रहा है जिसमें कहा गया है कि विभिन्न देशों में कोरोना वायरस का ‘भारतीय स्वरूप’ फैल रहा है।

आईटी मंत्रालय ने कहा कि 12 मई 2021 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रेस विज्ञप्ति के जरिये स्थिति स्पष्ट कर चुका है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया से कहा कि ‘‘वे उस सभी सामग्री को अपने मंच से तुरंत हटाए जिसमें कोरोना वायरस के ‘भारतीय स्वरूप’ का संदर्भ दिया गया है।’’

इससे पहले इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंचों पर कोरोना वायरस से जुड़ी फर्जी खबर/भ्रामक सूचना को रोकने के लिए परामर्श जारी किया था। गौरतलब है कि भारत गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसे डिजिटल मंचों के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 53 करोड़ व्हाट्सऐप उपयोगकर्ता, 44.8 करोड़ यूट्यूब उपयोगकर्ता, 41 करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ता, 21 करोड़ इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता और 1.75 करोड़ ट्विटर उपयोगकर्ता हैं।

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