Hanuman Chalisa row: कुतुबमीनार के सामने हनुमान चालीसा का पाठ, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 10, 2022, 01:59 PM IST

Hanuman Chalisa row: दिल्ली में कुतुबमीनार के सामने हिंदू संगठनों की ओर से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया है। हिंदू संगठनों ने कुतुबमीनार को विष्णु स्तंभ घोषित करने की मांग की है। हिंदू संगठनों का कहना है कि उन्होंने कुतुबमीनार परिसर में बहुत से हिंदू देवी-देविताओं की मूर्तियां देखी हैं एवं जैन मंदिरों के ढांचे नजर आए हैं।

Hanuman Chalisa row: कुतुबमीनार के सामने हनुमान चालीसा का पाठ, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका 

Hanuman Chalisa row: दिल्ली में कुतुबमीनार के सामने हिंदू संगठनों की ओर से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया है। हिंदू संगठनों ने कुतुबमीनार को विष्णु स्तंभ घोषित करने की मांग की है। हिंदू संगठनों का कहना है कि उन्होंने कुतुबमीनार परिसर में बहुत से हिंदू देवी-देविताओं की मूर्तियां देखी हैं एवं जैन मंदिरों के ढांचे नजर आए हैं। उन्होंने सरकार से कुतुबमीनार की पूरी जानकारी सामने लाने की मांग की है। लोगों ने कहा कि वे कल फिर आएंगे और जरूरत पड़ी तो लाल किले पर जाकर भी हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।

पुलिस ने कुतुबमीनार के चारो तरफ बैरिकेड्स लगाए
बता दें कि यूनाइटेड हिंदू फ्रंट नाम का संगठन अपने लोगों के साथ कुतुबमीनार पहुंचा था।  उसने कहा कि वह कुतुबमीनार की जगह पर हनुमान चालीसा का पाठ करेगा। हालांकि, पुलिस ने फ्रंट के लोगों को वहां जाने नहीं दिया जिसके बाद संगठन के लोगों ने सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए हैं। लोग चाहते हैं कि कुतुबमीनार के बारे में सरकार सर्वे कराए कि अंग्रेजों एवं मुगलों से पहले कुतुबमीनार का असली नाम क्या था और यह जगह किसके पास थी। हिंदू संगठन महाकाल मानव सेना के संदस्यों ने भी कुतुबमीनार का नाम विष्णु स्तंभ करने की मांग लेकर प्रदर्शन किया।

वीएचपी की मांग-दोबारा बनाएं जाएं 27 मंदिर
कुछ समय पहले विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी दावा किया कि कुतुबमीनार का नाम पहले विष्णु स्तंभ था। बंसल का दावा है कि 27 हिंदू-जैन मंदिरों को गिराने के बाद जो सामग्रियां हासिल हुईं उसे आधार बनाकर इस स्मारक का निर्माण किया गया। बंसल ने 27 मंदिरों को दोबारा बनाए जाने की मांग की। 
 

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