Hathras Case: नकली भाभी बनकर पीड़िता के घर कई दिन रही थी महिला, नक्सल कनेक्शन आया सामने!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 10, 2020, 03:04 PM IST

हाथरस केस में लगातार कई खुलासे हो रहे है। अब एक नये खुलासे में पता चला है कि पीड़ित परिवार के घर में एक फर्जी महिला रिश्तेदार ने भी डेरा डाला हुआ था।

Hathras Case: नकली भाभी बनकर पीड़िता के घर कई दिन रही थी महिला, नक्सल कनेक्शन आया सामने!
Photo Credit: BCCL

हाथरस: हाथरस केस में एक और नया खुलासा हुआ है जिसके मुताबिक एक महिला करीब 6 दिन तक पीड़ित परिवार के साथ वहां घूंघट में मौजूद रही थी। यह महिला खुद को पीड़िता की भाभी बताती रही। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह महिला ही परिवार को बता रही थी कि कैसे मीडिया में कब और क्या बयान देना है। अब इस महिला का नक्सल कनेक्शन भी सामने आया है। खुद को परिवार का रिश्तेदार बताकर यह टीवी पर भी बयान देती रही। खुलासा होने के बाद से एसआईटी ने इस महिला की तलाश तेज कर दी है।

जबलपुर की रहने वाली है महिला

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह महिला मध्य प्रदेश की जबलपुर की रहने वाली है और दलित होने की बात कहकर उसने परिवार को भरोसे में लिया और फिर कई दिन तक हाथरस पीड़िता के वहां डेरा जमाए रखा। खुद के मेडिकल कॉलेज का प्रोफेसर बताने वाली महिला अचानक से उस समय गायब हो गई जब पुलिस को उस पर शक हुआ था। यह महिला परिवार को बरगलाने का काम भी कर रही है। महिला का नक्सल कनेक्शन होने का भी दावा किया जा रहा था।

पीड़ित परिवार की सुरक्षा की गई कड़ी

आपको बता दें कि हाथरस में कथित सामूहिक बलात्कार के बाद जिंदगी की जंग हारने वाली दलित युवती के परिवार की सुरक्षा में पुलिस ने उनके घर के बाहर और अंदर आठ सीसीटीवी कैमरे और एक मेटल डिटेक्टर लगाया है। इसके अलावा पीड़ित परिवार के घर के पास दमकल की एक गाड़ी तथा खुफिया विभाग के कर्मचारी भी तैनात कर दिये गये हैं। घर के आसपास के इलाके को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है।

पीएफआई एंगल

आपको बता दें कि हाथरस मामले में पीएफआई का एंगल भी सामने आया है। यूपी पुलिस ने मथुरा में एक पत्रकार और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी लोग पीड़िता के घर जा रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा था कि उसने मथुरा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उससे संबद्ध संगठनों से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों से उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ साहित्य भी जब्त किए गए हैं जो शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित कर सकते थे।

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