नई दिल्ली: पंजाब की सत्ता पर AAP के काबिज होने के बाद हरियाणा और पंजाब के नेताओं के बीच आपसी कटुता सामने आ रही है और वो एक दूसरे पर वार करने में भी नहीं चूक रहे हैं, एक बार फिर ऐसा ही हुआ है हरियाणा के एक मंत्री ने पंजाब सरकार पर की एक टिप्पणी की है जिसपर AAP ने पलटवार किया है।
हाल ही में पंजाब की मान सरकार ने चंडीगढ़ को राज्य में तत्काल ट्रांसफर करने वाला प्रस्ताव पारित करके हरियाणा के नेताओं की चिंताएं बढ़ा दी। जिसके बाद हरियाणा सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब दोनों की ही राजधानी है।
वहीं अब हरियाणा की बीजेपी सरकार में ऊर्जा मंत्री रंजीत सिंह (Ranjit Singh) ने कहा कि पंजाब की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। वे (आप (AAP) सरकार के मंत्री) अनुभवहीन हैं और किसी का भी पहले का राजनीतिक करियर नहीं है। उनमें से 90 फीसदी लोगों ने विधानसभा ही नहीं देखी है। कोई मोबाइल रिपेयर करता था तो कोई ऑटो ड्राइवर था। लेकिन प्रशासन एक अलग चीज है। सरकार चलाना कोई आसान काम नहीं है कि कोई चला देगा, यह एक बड़ी जिम्मेदारी है।
रंजीत सिंह ने कहा कि यहां तक कि नर्स और पुलिसकर्मी भी ट्रेनिंग से गुजरते हैं, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों पर सरकार चलाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है।
वहीं आम आदमी पार्टी विधायक ने रंजीत सिंह पर पलटवार करते हुए साफ कर दिया कि हम भ्रष्टाचार नहीं, शासन करना जानते हैं। आम आदमी पार्टी विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि उनका बयान बिलकुल सही है कि हमने विधानसभा नहीं देखी। हमारे 12 विधायक डॉक्टर हैं, 14 से अधिक वकील हैं और 16 इंजीनियर हैं...
वहीं रंजीत सिंह के इस बयान पर दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवार ने पलटवार किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि भाई जी, इस देश के आम आदमी का मजाक मत उड़ाइये। जो काम 75 साल में आप सारी पार्टियाँ और नेता नहीं कर पाए, वो काम अब इस देश का आम आदमी करके दिखायेगा। क्योंकि हमारी नीयत साफ़ है। देश ने आप नेताओं पे भरोसा किया। नेताओं ने लोगों का भरोसा तोड़ा। देखना, आम आदमी अच्छी सरकार चलाएगा।

