गुजरात HC ने कहा- मास्क न पहनने वालों की लगाई जाए कोविड सेंटर में ड्यूटी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 2, 2020, 04:24 PM IST

गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मास्क पहनने के नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माने की सजा के अलावा कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में सामुदायिक सेवा को अनिवार्य बनाए।

गुजरात HC ने कहा- मास्क न पहनने वालों की लगाई जाए कोविड सेंटर में ड्यूटी

अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मास्क पहनने के नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माने की सजा के अलावा कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में सामुदायिक सेवा को अनिवार्य बनाए।

मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जेबी पर्दीवाला की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में नियम उल्लंघन करने वालों की सामुदायिक सेवा के तहत ड्यूटी लगाए जिसका स्वरूप गैर चिकित्सकीय (जैसे साफ सफाई) हो और यह पांच से 15 दिन तक रोजाना चार से छह घंटे की हो सकती है, जैसा प्राधिकारी उचित समझे। अदालत ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया जिसमें मास्क पहनने के नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में सामुदायिक सेवा को अनिवार्य करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

पीठ ने कहा कि लोगों द्वारा मास्क नहीं लगाने, उचित दूरी का पालन नहीं करने के कारण कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह तथ्य साबित हो चुका है कि वायरस के खिलाफ मास्क पहनना कारगर उपाय है। पीठ ने कहा कि यह ऐसा समय है कि लोग मास्क पहनने की आदत डाल लें। अदालत ने कहा, 'हमारी राय है कि राज्य को एक नीति या आदेश जारी करना चाहिए जिसमें मास्क नहीं पहनने पर सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया जाए और उल्लंघन की प्रकृति के आधार पर उनकी सेवा निर्धारित की जा सकती है।'

अदालत ने कहा, 'इसलिए हम राज्य को इस संबंध में एक अधिसूचना लाने का निर्देश देते हैं जिसमें मास्क नहीं पहनने के लिए जुर्माना और सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया जाए।' अदालत ने मुद्दे पर राज्य सरकार के रूख को भी ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और कहा कि राज्य को ऐसे समय में जरूरी ऐहतियाती कदम उठाने चाहिए। पीठ ने कहा कि हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार के रूख के कारण हमारे पास निर्देश जारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। राज्य सरकार का काम अपने लोगों की हिफाजत करना और उनकी बेहतरी के लिए बेहतर से बेहतर कदम उठना है ।

वकील विशाल अवतानी के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया कि कई लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं जिससे कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी हुई है । गुजरात सरकार ने मंगलवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि इस पर नजर रखना बहुत कठिन है कि मास्क नहीं पहनने के लिए दंडित किए जाने वाले लोगों ने क्या कोविड-19 देखभाल केंद्रों में सामुदायिक सेवा की।

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