नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद अब वैश्विक कंपनियां धीरे-धीरे चीन से अपना कारोबार समेट रही हैं। इन कंपनियों की पंसदीदा जगह भारत बन रही है और इसका एक उदाहरण भी सामने आया है। जर्मनी की प्रसिद्ध फुटवियर कंपनी ब्रैंड वॉन वेल्स ने चीन से अपना कारोबार समेटने का निर्णय़ ले लिया है। यह कंपनी अब यूपी के आगरा में अपनी प्रोडक्शन यूनिट लगाएगी जिसके लिए उनसे लैट्रिक इंडस्ट्रीज के साथ करार कर लिया है।
पीएम मोदी लगातार उठा रहे हैं कदम
यह करार ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड -19 संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मदद करने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं और विदेशी फर्मों को आकर्षित करने की बात कह रहे हैं। आईएट्रिक इंडस्ट्रीज के निदेशक और सीईओ आशीष जैन ने एएनआई को बताया कि कंपनी के इस करार से देश में 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
यूपी सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने भी इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा 'हम यह देखकर बहुत खुश हैं कि कासा एवरेज जीएमबीएच जो निवेश कर रहा है उसकी वजह से लोगों को रोजगार मिलेगा। गौर करने वाली बात ये है कि कंपनी चीन से उत्तर प्रदेश से भारत आ रही है।'
कैसी है वॉन वेल्स कंपनी
वॉन वेल्स जर्मनी की प्रमुख फुटवियर कंपनी है जिसकी पहचान हेल्दी फुटवियर ब्रैंड की है। पुरुषों और महिलाओं के लिए ऑर्थोपेडिक फुटवियर बेचने वाले इस ब्रांड के 80 देशों में 100 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। इसके उत्पाद पांव, घुटना और बैक पेन में राहत देने में मदद करते हैं। इसे भारत में 2019 में लॉन्च किया गया था और यह 500 से अधिक खुदरा और ऑनलाइन दुकानों पर इसके उत्पाद उपलब्ध हैं।
चीन को लगातार मिल रहे हैं झटके
इससे पहले चीन से कई कंपनियों ने अपना कारोबार समेटने का ऐलान किया था जिसमें जापान की कई कंपनियां शामिल हैं। मोबाइल कंपनी लावा ने भी चीन से कारोबार समेटने का ऐलान करते हुए कहा था कि वह अब भारत में अपनी यूनिट स्थापित करेगी। जिस तरह से चीन के हालात हैं ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले समय में भारत उद्योगों के लिए पंसदीदा डेस्टिनेशन होगा।

