दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया 'आशीर्वाद' तो ठहाकों से गूंजी राज्यसभा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 4, 2021, 03:40 PM IST

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जैसे ही अपनी बात खत्म की। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने अगले वक्ता के रूप में दिग्विजय सिंह का नाम पुकारा। नायडू ने जैसे ही सिंह का नाम पुकारा सदन के सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया 'आशीर्वाद' तो ठहाकों से गूंजी राज्यसभा
Photo Credit: PTI

नई दिल्ली : किसानों के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे एवं शोर के बीच राज्यसभा में गुरुवार को एक ऐसा क्षण भी आया जब सदन सदस्यों की ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल, उच्च सदन में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद दिग्विजय सिंह बोलने के लिए उठ और उसके बाद जो उन्होंने बात कही, उसे सुनकर सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों के सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस दौरान दिग्विजिय ने भाजपा नेता पर मजाकिया लहजे में तंज कसे। दरअसल, सदन में सिंधिया ने लॉकडाउन, उसकी उपलब्धियों और किसानों के हित में उठाए गए सरकार के कदमों का बचाव किया। साथ ही उन्होंने बीते समय में किसानों के प्रति कांग्रेस के रवैये की आलोचना भी की। 

नायडू ने कहा-मैंने कोई परिवर्तन नहीं किया
सिंधिया ने जैसे ही अपनी बात खत्म की। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने अगले वक्ता के रूप में दिग्विजय सिंह का नाम पुकारा। नायडू ने जैसे ही सिंह का नाम पुकारा सदन के सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए और हॉल ठहाकों से गूंजने लगा। इस पर नायडू ने कहा, 'मैंने कोई परिवर्तन नहीं किया है। लिस्ट में जो आया उसी के हिसाब से मैंने बुलाया।'

दिग्विजय सिंह के आशिर्वाद पर लगे ठहाके
दिग्विजय सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मैं सिंधिया जी को बधाई देना चाहूंगा। इन्होंने भाजपा के पक्ष को उतने ही बेहतरीन तरीके से रखा जैसा कि वे बीते समय में कांग्रेस की रखा करते थे। बधाई सिंधिया जी, वाह जी महाराज।' उन्होंने आगे कहा, 'आप भविष्य में जिस किसी भी पार्टी में रहें, मेरा आशिर्वाद था, है और आपके साथ आगे भी रहेगा।' बता दें कि मार्च 2020 में सिंधिया गुट के ज्यादातर विधायकों ने कांग्रेस की कमलनाथ सरकार से इस्तीफा दे दिया। इसके चलते मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई। इसके बाद सिंधिया गुट के समर्थकों के साथ भाजपा ने राज्य में अगली सरकार बनाई और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर से मुख्यमंत्री बने। 

End of Article