Shiv Sena on Drugs Racket: किंतु-परंतु के बाद शिवसेना ने माना फिल्म इंडस्ट्री 'पवित्र गंगा' नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 16, 2020, 08:29 AM IST

बालीवुड और ड्रग्स माफिया के बीच कनेक्शन पर सियासत पुरजोर जारी है। शिवसेना का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री पवित्र गंगा नहीं है। लेकिन हर एक को बदनाम करना कहां तक सही है।

Shiv Sena on Drugs Racket: किंतु-परंतु के बाद शिवसेना ने माना फिल्म इंडस्ट्री 'पवित्र गंगा' नहीं

नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत केस में अब तक की जांच का जो नतीजा सामने आया है उसमें न केवल फिल्म इंडस्ट्री बंटी नजर आ रही है, बल्कि सियासत भी जारी है। बीजेपी सांसद रवि किशन ने जब यह कहा कि ड्रग कार्टेल के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी तो उसके विरोध में एसपी सांसद जया बच्चन ने यहां तक कहा कि जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं, हालांकि सीधे तौर पर उन्होंने रवि किशन का नाम नहीं लिया था। लेकिन शिवसेना जया बच्चन के समर्थन में उतर गई। अब सामना में शिवसेना का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री पवित्र गंगा नहीं है। लेकिन पूरी इंडस्ट्री को बदनाम भी नहीं करना चाहिए। 

ड्रग्स मुद्दे पर सियासत तेज
सुशांत सिंह राजपूत केस में जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, उसमें ड्रग्स रैकेट और बॉलीवुड के बीच कनेक्शन की जानकारी सामने आ रही है। रिया चक्रवर्ती अपने सहयोगियों के साथ गिरफ्तार हो चुकी हैं। लेकिन सियासत में भूचाल तब मचा जब कंगना रनौत खुलकर सामने आ गईं। कंगना मैदान में क्या कूदीं कि बीएमसी की जेसीबी मशीन उनके दफ्तर पर चल गई और उसके बाद आरोप प्रत्यारोप ने भी नया मोड़ ले लिया। 



जया बच्चन का बयान अब केंद्र में 
मंगलवार को जया बच्चन ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की ये बात अलग है कि वो किसी का नाम लेने से बचती रहीं। लेकिन इशारा साफ था कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें फिल्म इंडस्ट्री ने बहुत कुछ दिया। लेकिन उसे गटर तक करार दिया। दरअसल उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन उनका इशारा साफ था कि वो किसके लिए यह सब बोल रही हैं। जया बच्चन के इस बयान पर सियासत गर्माई और शिवसेना की तरफ से खुलकर बयान आया कि जो कुछ उन्होंने कहा था उसमें गलत बात क्या है। 

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