लेह: लद्दाख क्षेत्र में रणनीतिक संपर्क को एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है, वो भी तब जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ गतिरोध चल रहा है। जोजिला दर्रे को पहली बार जनवरी माह में एकसाथ 72 वाहनों ने पार किया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के लिए यह एक शानदार उपलब्धि है, क्योंकि यह भीषण सर्दियों के मौसम में भी यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के बीच महत्वपूर्ण लिंक प्रदान करेगा।
बीआरओ ने किया ट्वीट
भारत की रणनीतिक सड़क विकास एजेंसी बीआरओ ने ट्वीट करते हुए एक बयान में कहा, "2022 के दूसरे दिन में पहली बार 72 वाहन दर्रे के पार से गुजरे। यह शानदार उपलब्धि कर्मयोगियों के कठिन साहस के कारण ही हासिल की जा सकी है, जो सभी बाधाओं के बावजूद डटे रहे। BRO है तो सब मुमकिन है।" इस दौरान ट्वीट कर ज़ोजिला दर्रे पर वाहनों का एक वीडियो भी पोस्ट किया।
क्या ज़ोजिला सर्दियों के महीनों में खुला रहता है?
विजयक परियोजना के तहत कवर किया गया, ज़ोजिला दर्रा आमतौर पर सर्दियों के महीनों के दौरान बंद रहता है। बीआरओ उपकरणों और कर्मियों को तैनात करके जोजिला दर्रे के शीतकालीन संचालन को बढ़ाने पर काम कर रहा है। जनवरी में जोजिला दर्रे को खुला रखना एक कठिन काम है और दिसंबर में ज़ोजिला को खुला रखने और उसके बाद आने वाले सर्दियों के महीनों के लिए बीआरओ के प्रयास निरंतर बना हुआ है। 31 दिसंबर को जोजिला से 94 वाहन गुजरे थे तब बीआरओ ने दर्रे को -10 डिग्री सेल्सियस पर खुला रखा था।
यह 14.2 किमी लंबी जोजिला रोड सुरंग के निर्माण के रूप में भी आता है, जिसका निर्माण जोजिला पास के तहत किया जा रहा है। 2018 में उद्घाटन किया गया था। एक बार सुरंग के तैयार हो जाने से तीन घंटे से अधिक की यात्रा का समय घटकर केवल 15 मिनट हो जाएगा।

