'भारत को पाकिस्तान या तालिबान नहीं बनने दूंगी', भवानीपुर 'संग्राम' के बीच ऐसा क्‍यों बोलीं ममता बनर्जी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 16, 2021, 10:48 PM IST

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने जा रहीं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख व सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी पर धर्म की राजनीति करने और लोगों को बांटने का आरोप लगाया।

'भारत को पाकिस्तान या तालिबान नहीं बनने दूंगी', भवानीपुर 'संग्राम' के बीच ऐसा क्‍यों बोलीं ममता बनर्जी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह देश को पाकिस्तान या तालिबान नहीं बनने देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा दल ने दावा किया है कि दक्षिण कोलकाता स्थित भवानीपुर विधानसभा सीट से अगर तृणमूल कांग्रेस जीतती है तो यह पाकिस्तान बन जाएगा। बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा विभाजन की राजनीति करती है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो भवानीपुर से उपचुनाव लड़ रही हैं।

बनर्जी ने प्रचार के दौरान कहा, 'मैं भाजपा की नीतियां और राजनीति पसंद नहीं करती। वे लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने की राजनीति करते हैं। नंदीग्राम में उन्होंने कहा था कि यह पाकिस्तान बन जाएगा (अगर टीएमसी जीतती है)। भवानीपुर में भी वे कह रहे हैं कि यह पाकिस्तान बन जाएगा। यह शर्मनाक है।' इस वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से बनर्जी भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें उपचुनाव में जीतना जरूरी है।

'भारत को नहीं बनने दूंगी पाकिस्‍तान या तालिबान'

इलाके के मतदाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं चाहती हूं कि मेरा देश मजबूत बने और पूरी ताकत से मैं अपनी मातृभूमि की रक्षा करूंगी। हम नहीं चाहते कि भारत एक और तालिबान (शासित देश) बने। मैं कभी भी अपने देश को पाकिस्तान नहीं बनने दूंगी।' इलाके में हाल में एक मस्जिद में जाने पर आपत्ति जताने के लिए राज्य भाजपा नेतृत्व की आलोचना करते हुए बनर्जी ने कहा कि भगवा दल को उनके गुरुद्वारा जाने से भी समस्या है।

उन्होंने कहा, 'मैं एक मस्जिद में गई, मैं गुरुद्वारा में भी गई, और भाजपा को दोनों से समस्या है। मैं राजनीति में धर्म नहीं लाती, जबकि भाजपा के नेता केवल विभाजन की राजनीति की भाषा समझते हैं।' भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में हिंदी भाषी लोगों की अच्छी खासी संख्या के बारे में टीएमसी की प्रमुख ने कहा कि वह उनके साथ हर सुख-दुख में खड़ी रहेंगी। इलाके के व्यवसायी समुदाय को रिझाने के लिए बनर्जी ने कहा कि वह देश की पहली नेता हैं जिन्होंने 2016 में नोटबंदी का विरोध किया था।

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