दिल्ली-NCR में मई में ही 'सावन' जैसा मौसम, लगातार हो रही बारिश से टूटा 70 साल का रिकॉर्ड

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 20, 2021, 09:25 AM IST

Delhi Weather News: गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र में तबाही मचाने वाले ताउते तूफान का असर दिल्ली NCR में भी देखने को मिल रहा है। बीते मंगलवार से ही यहां लगातार बारिश हो रही है।

दिल्ली-NCR में मई में ही 'सावन' जैसा मौसम, लगातार हो रही बारिश से टूटा 70 साल का रिकॉर्ड
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नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में मंगलवार से शुरू हुई बारिश अभी तक जारी है। झमाझम हो रही बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं मई के महीने में यहां सावन जैसा मौसम हो गया है। एनसीआर के कई जगहों में जलभराव की खबरें भी सामने आ रही है। बारिश तथा तेज ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग की मानें तो आज भी बारिश जारी रह सकती है। लगातार हो रही बारिश की वजह से बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से 16 डिग्री कम और 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1951 के बाद मई माह का सर्वाधिक कम अधिकतम तापमान है।

मई के महीने में ही सावन का अहसास
मई के महीने में ही एनसीआर में रहने वाले लोगों को सावन का एहसास होने लगा और घरों के पंखे तक बंद करने पड़े।लगातार हो रही बारिश से राजधानी दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक यानि एक्यूआई में भी सुधार आया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार सुबह दिल्ली का  वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 84 रहा और दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘‘संतोषजनक’’ श्रेणी में दर्ज की गयी। को शून्य और 50 के बीच 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम  माना जाता है।

आज भी जारी रहेगी बारिश
मौसम विभाग की मानें तो बारिश का ये सिलसिला आज भी जारी रह सकता है और दिल्ली -एनसीआर में आज भी झमाझम बारिश होगी।  इस दौरान हवाओं के साथ बारिश हो सकती है और तापमान में गिरावट जारी रहेगी। इससे पहले मौसम विभाग ने विभाग ने एक परामर्श में निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कुछ छोटे पौधों के उखड़ने का पूर्वानुमान लगाया है।

वहीं इस बारिश की मार दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानून के विरोध में बैठे किसानों पर भी पड़ी है जिनके टेंटों को इससे नुकसान हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, सुबह से ही भारी बारिश से दिल्ली में भारी नुकसान हो रहा है। किसानों के लंगर व रहने के प्रबंधन में अव्यवस्था आयी है। सड़कों व ढलान वाली जगहों पर पानी भी भर गया है।

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