हम नहीं चाहते कि बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में वोटिंग का अधिकार मिले- ऑल पार्टी मीट के बाद बोले फारूक अब्दुल्ला, महबूबा भी थीं साथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 11, 2022, 12:24 AM IST

जम्मू-कश्मीर में नए मतदाता लिस्ट को लेकर राजनीतिक दलों के बीच हलचल तेज है। कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के बाहर के लोग भी यहां वोट दे सकते हैं, जिसे लेकर स्थानीय पार्टियां नाराज चल रही हैं।

हम नहीं चाहते कि बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में वोटिंग का अधिकार मिले- ऑल पार्टी मीट के बाद बोले फारूक अब्दुल्ला, महबूबा भी थीं साथ
Photo Credit: BCCL

जम्मू-कश्मीर में शनिवार को नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के घर पर एक ऑल पार्टी मीटिंग हुई। जिसमें बाहरी वोटरों को अधिकार मिलने को लेकर चिंता जताई गई।

पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (PAGD) के अध्यक्ष, डॉ फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू की मतदाता सूची में गैर-स्थानीय लोगों को शामिल करने के खिलाफ यह बैठक बुलाई थी। बैठक की अध्यक्षता डॉ फारूक अब्दुल्ला ने की। पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के अलावा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसमें भाग लिया।

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा- "आज सभी राजनीतिक दलों के नेता उपस्थित हैं। हम नहीं चाहते कि बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में वोटिंग का अधिकार मिले। हम जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) द्वारा दिए गए आश्वासनों पर भरोसी नहीं करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि वह 'दिल्ली की दूरी' और 'दिल की दूरी' को कम कर देंगे, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं किया गया है।"

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती, पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन के प्रवक्ता यूसुफ तारिगामी, जेकेएनसी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और अन्य ने बैठक में भाग लिया।

इस बैठक में कांग्रेस भी शामिल हुई थी। बैठक में शामिल होने से पहले कांग्रेस ने कहा कि वो गुपकार का हिस्सा नहीं है, लेकिन इस मुद्दे पर हम एक हैं और बाहरी मतदाता के खिलाफ कांग्रेस भी इनके साथ खड़ी है।

इस बैठक के बीच में ही फारूक अब्दुल्ला के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी होने लगा। इस मीटिंग का विरोध करते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।

End of Article