अगर आपको पता चले कि पंचायत भवन को ही चुरा लिया गया है तो हैरत में पड़ जाएंगे कि आखिर यह कैसे हो सकता है। लेकिन बिहार में पुल की चोरी के बाद मुजफ्फरपुर जिले में पंचायत भवन की चोरी चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुखिया उमाशंकर गुप्ता ने जेसीबी मशीन से पंचायत भवन को जमींदोज करा दिया और उसमें से जो ईंटे निकलीं उसे बेच दिया। लेकिन मुखिया ने आरोपों को गलत बताया है उनका कहना है कि जिस भवन की बात की जा रही है कि वो पूरी तरह से बना ही नहीं था। उसमें किसी तरह का कार्यक्रम नहीं होता था। उन्होंने उस इमारत को गिरवाया और उसका मलबा भी पड़ा हुआ है कोई भी तस्दीक कर सकता है कि सच क्या है जो लोग आरोप लगा रहे हैं वो पूरी तरह गलत है।
मुखिया पर पंचायत भवन की चोरी का आरोप
औराई के मुखिया उमाशंकर गुप्ता का कहना है कि पहली बात तो यह है कि वहां कोई पूर्ण भवन नहीं था। जो इमारत थी वो जर्जर थी जिसमें पंचायत का काम कर पाना संभव नहीं था। उन्होंने खुद जेसीबी से इमारत को तोड़वाया और इसकी जानकारी संबंधित लोगों को है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं वो सच्चाई से कोसों दूर है। वो पंचायत भवन के निर्माण के लिए कोशिश कर रहे हैं। जो लोग आरोप लगा रहे हैं पहले उन्हें मौके पर आना चाहिए और उसके बाद किसी तरह का आरोप लगाएं।

