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'वन नेशन, वन इलेक्शन' के लिए बनी संसदीय समिति; प्रियंका गांधी, अनुराग ठाकुर समेत इन सांसदों को किया गया शामिल

Parliamentary Committee for One Nation One Election: 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर संसदीय समिति का गठन हो गया है। इसमें भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, पीपी चौधरी; कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 21 सांसद शामिल किए गए हैं। 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' संबंधी समिति संसद के अगले सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन लोकसभा को रिपोर्ट सौंपेगी।

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एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक के लिए संसदीय कमेटी में कौन-कौन शामिल?

One Nation One Election: भारतीय जनता पार्टी से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और पी पी चौधरी तथा कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाद्रा उन 21 लोकसभा सदस्यों में शामिल हैं, जो संसद की उस संयुक्त समिति का हिस्सा होंगे, जो एक साथ चुनाव कराने संबंधी दो विधेयकों की पड़ताल करेगी। लोकसभा की बृहस्पतिवार की कार्यसूची में समिति का हिस्सा बनने वाले 21 सांसदों के नाम शामिल हैं, जिसके गठन का प्रस्ताव कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे।

संसदीय समिति में किन सांसदों को किया गया शामिल?

पूर्व केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तमभाई रूपाला, भर्तृहरि महताब, अनिल बलूनी, सी एम रमेश, बांसुरी स्वराज, विष्णु दयाल राम और संबित पात्रा भाजपा के लोकसभा सदस्यों में शामिल हैं, जो इस समिति का हिस्सा होंगे। सूत्रों ने बताया कि कानून राज्य मंत्री रह चुके चौधरी को समिति का संभावित अध्यक्ष माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि ठाकुर भी इस पद के लिए दावेदार हैं। नियमों के अनुसार अध्यक्ष ओम बिरला अंतिम निर्णय लेंगे।

भाजपा के कुल 10 लोकसभा सांसद समिति के सदस्य

कांग्रेस के मनीष तिवारी और सुखदेव भगत, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, तृकां के कल्याण बनर्जी, द्रमुक के टी एम सेल्वागणपति, तेदेपा के जी एम हरीश बालयोगी, राकांपा (शरद चंद्र पवार) की सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय लोकदल के चंदन चौहान तथा जन सेना पार्टी के बालाशोवरी वल्लभनेनी अन्य लोकसभा सदस्य हैं। राज्यसभा एक अलग संदेश में समिति के लिए अपने 10 सदस्यों के नाम घोषित करेगी।

समिति में शामिल किए जाने वाले लोकसभा सदस्यों में से 14 भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के हैं, जिनमें से 10 भाजपा के हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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