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आंध्र प्रदेश ट्रेन हादसा: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, 13 हुई मृतकों की संख्या, 33 ट्रेनें भी कैंसिल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 30, 2023, 09:40 AM IST

Andhra Pradesh Train Collision: रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, करीब 33 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है तो वहीं 22 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। इसके अलावा 11 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। इस बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी से बात की है।

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आंध्र प्रदेश ट्रेन हादसा

Photo : ANI

Andhra Pradesh Train Collision: आंध्र प्रदेश में रविवार शाम हुए ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौता हो चुकी है, वहीं करीब 29 लोग घायल भी हुए हैं। यह हादसा तब हुआ जब शाम करीब सात बजे विशाखापत्तनम-रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन ने विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी। इस कारण विजयनगरम जिले के कंटाकापल्ले और अलमांडा रेलवे स्टेशनों के बीच दोनों यात्री ट्रनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। विजयनगरम एसपी ने बताया, अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 7 की पहचान हो चुकी है और शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।

जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन अब तक जारी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेल मंत्री से हादसे की जानकारी ली है। उन्होंने पीएम रिलीफ फंड से मृतकों के परिजनों को 2 लाख तो वहीं घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये व अन्य राज्य के मृतकों को 2 लाख रुपये देने की घोषण की है। गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

33 ट्रेनें कैंसिल, कई के रूट डायवर्ट

ट्रेन हादसे के बाद रेलने ने कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, करीब 33 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है तो वहीं 22 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। इसके अलावा 11 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। इस बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी से बात की है और उन्हें आंध्र ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।

रेल मंत्रालय ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

रेल हादसे के बाद रेल मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

  • एलुरु-08812232267
  • समालकोट-08842327010
  • राजमुंदरी -08832420541
  • त्यूणी- 08854-252172
  • अनाकापल्ले -08924221698
  • गुडुर-9494178434

अलामंदा और कंटाकापल्ले रेलवे खंड के बीच ट्रेन के पटरी से उतरने के संबंध में विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर हेल्पलाइन नंबर-

  • बीएसएनएल- 08912746330, 08912744619
  • एयरटेल- 8106053051, 8106053052
  • बीएसएनएल- 8500041670, 8500041671
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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