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Anand Mohan Singh: पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने किया सरेंडर, 27 अप्रैल को हो सकते हैं रिहा

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Apr 26, 2023, 07:49 PM IST
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बिहार के पूर्व सांसद और हत्या के दोषी आनंद मोहन सिंह

बिहार के बाहुबली नेता आनंद मेहता सिंह की रिहाई से जुड़ी सभी औपचारिकता शुरू हो गई है वो सहरसा पहुंच गए हैं, बताते हैं कि आनंद मोहन वहां एक होटल में रूके फिर अपने समर्थकों से मुलाकात की, आनंद मोहन सिंह 15 दिन की पैरोल के बाद खुद को आत्मसमर्पण करने के लिए सहरसा जेल पहुंचे।

गौर हो कि बिहार सरकार ने हाल ही में उसके सहित 27 दोषियों को रिहा करने की अनुमति देते हुए जेल नियमों में संशोधन किया था। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन, राज्य की विभिन्न जेलों में 14 वर्ष से अधिक समय से बंद 26 अन्य कैदियों के साथ रिहा किये जाने वाले हैं।

इस संबंध में सोमवार देर शाम एक अधिसूचना जारी की गई थी, जब आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद की सगाई के कार्यक्रम में थे, जो राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक हैं।आनंद मोहन अभी पैरोल पर जेल से बाहर हैं।

तेलंगाना में जन्मे IASअधिकारी कृष्णैया दलित समुदाय से थे

वह बिहार में गोपालगंज के जिलाधिकारी थे और 1994 में जब मुजफ्फरपुर जिले से गुजर रहे थे तभी भीड़ ने पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी थी।हत्या की घटना के वक्त आनंद मोहन मौके पर मौजूद थे, जहां वह दुर्दांत गैंगस्टर छोटन शुक्ला की शवयात्रा में शामिल हो रहे थे। शुक्ला की मुजफ्फरपुर शहर में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

शुक्ला भूमिहार जाति से था, जबकि उससे सहानुभूति रखने वाले आनंद मोहन राजपूत जाति से आते हैं। वहीं कथित हत्यारे, ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) नेता बृज बिहारी प्रसाद से सहानुभूति रखने वाले बताये जाते हैं जो राबड़ी देवी सरकार में मंत्री थे, लेकिन कुछ वर्षों बाद (जून 1998 में) पटना के एक अस्पताल में उपचार कराने के दौरान गोली मार कर उनकी हत्या कर दी गई थी।

बेटे की शादी में शरीक होने को उत्सुक आनंद मोहन

देहरादून में अपने बेटे की शादी में शरीक होने को उत्सुक आनंद मोहन ने कहा, 'इन वर्षों के दौरान, अन्य लोग महज मूकदर्शक बने रहे। मेरी पत्नी लवली और जी कृष्णैया के परिवार ने पीड़ा सहन की। मुझे हैरानी है कि जेल से मेरी रिहाई पर शोरगुल कर रहे लोगों ने क्या कभी दिवंगत आईएएस अधिकारी के परिवार के सदस्यों के आंसू पोंछने की सोची।'

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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