Mars Pushya Nakshatra Gochar 2026: ग्रहों के सेनापति मंगल 24 सितंबर 2026 की सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। मंगल फिलहाल कर्क राशि में हैं और पुष्य नक्षत्र के पहले पद से अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं। 29 सितंबर की रात 9 बजकर 15 मिनट पर मंगल पुष्य के दूसरे पद में प्रवेश करेंगे। मंगल 17 अक्टूबर 2026 की दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक पुष्य नक्षत्र में रहेंगे, इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं और इसके देवता बृहस्पति माने जाते हैं। यह पूरा नक्षत्र कर्क राशि में स्थित है। मंगल का कर्क में होना इस गोचर को थोड़ा जटिल बनाता है, क्योंकि कर्क को मंगल की नीच राशि माना जाता है, लेकिन नक्षत्र स्तर पर शनि का प्रभाव मंगल की ऊर्जा को अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी की ओर मोड़ सकता है। यहां पर मंगल जहां तुरंत फैसला लेना चाहते हैं, वहीं पुष्य का शनि स्वभाव कहता है कि पहले व्यवस्था बनाओ, फिर परिणाम हासिल करो। ऊपर से कर्क में गुरु की मौजूदगी मंगल को पूरी तरह अनियंत्रित नहीं रहने देती है। 24 सितंबर को मंगल कर्क में करीब 3°27′ और गुरु करीब 24°06′ पर स्थित हैं।
इस कारण आने वाले समय में मंगल का सबसे अच्छा परिणाम उन क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है जहां मेहनत, जिम्मेदारी, संपत्ति, करियर, तकनीकी काम, प्रतियोगिता और लंबे समय की योजना शामिल है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह गोचर शुभ रहने वाला है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि से कर्क तीसरा भाव है। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, कम्युनिकेशन, मार्केटिंग, छोटे सफर और अपने दम पर काम निकालने का भाव माना जाता है। मंगल का यहां गोचर वृषभ राशि वालों को ज्यादा सक्रिय करेगा। जिन लोगों ने किसी काम को लंबे समय से टाल रखा था, वे अब उसे शुरू करने का फैसला ले सकते हैं।
कारोबार में मार्केटिंग, सेल्स और नए क्लाइंट जोड़ने के लिए समय उपयोगी रहेगा। किसी दूसरे शहर की यात्रा काम से जुड़ी हो सकती है। ऑनलाइन काम करने वाले लोगों को भी नेटवर्क बढ़ाने का फायदा मिलेगा। हालांकि मंगल की कर्क स्थिति में भावनात्मकता ज्यादा है। भाई-बहन या करीबी सहयोगियों के साथ बहस से बचना जरूरी रहेगा। वृषभ राशि के लिए इस गोचर का असली लाभ अपने दम पर आगे बढ़ने और संपर्कों को काम में बदलने से मिलेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि में मंगल का प्रवेश सीधे इसी राशि के जातकों को प्रभावित करेगा। मंगल आपकी राशि में हैं और साथ ही गुरु भी कर्क में मौजूद हैं। मंगल कर्क राशि के लिए योगकारक ग्रह हैं क्योंकि वे पांचवें और दसवें भाव के स्वामी होते हैं। यही वजह है कि मंगल की नीच स्थिति के बावजूद इस गोचर में करियर और शिक्षा के अवसर पूरी तरह कमजोर नहीं होंगे।
नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बिजनेस में कोई काम जल्दी पूरा करने की इच्छा बढ़ेगी। स्टूडेंट्स को अपने लक्ष्य को लेकर ज्यादा गंभीरता आएगी, लेकिन यही गोचर भावनात्मक प्रतिक्रिया भी बढ़ा सकता है। गुस्से में लिया गया निर्णय बाद में बदलना पड़ सकता है। कर्क राशि वालों को इस दौरान अपनी ऊर्जा को सही दिशा देनी होगी। एक्शन जरूरी है, लेकिन इमोशनल एक्शन नहीं लें।
कन्या राशि
कन्या राशि से कर्क 11वां भाव है। यह आय, लाभ, नेटवर्क और उपलब्धियों का प्रमुख भाव माना जाता है। मंगल यहां पहुंचकर कमाई के लिए प्रयास बढ़ा सकते हैं। नौकरी करने वाले लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारी या ऐसा प्रोजेक्ट मिल सकता है जिससे आगे आर्थिक फायदा हो। बिजनेस में पुराने क्लाइंट दोबारा काम दे सकते हैं।
किसी नेटवर्क के जरिए नया अवसर भी सामने आ सकता है। मंगल कन्या राशि के तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होते हैं। इस कारण लाभ के साथ अचानक बदलाव भी संभव हैं। कोई पुराना भुगतान आ सकता है, लेकिन उसी समय कोई अचानक खर्च या कारोबारी जिम्मेदारी भी सामने आ सकती है। फिर भी कुल मिलाकर कन्या के लिए यह स्थिति मेहनत को आय में बदलने वाली रह सकती है।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह गोचर खास महत्व रखता है क्योंकि मंगल स्वयं आपकी राशि के स्वामी हैं और कर्क नौवां भाव बनाता है। नवम भाव भाग्य, गुरु, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा, धर्म और बड़े अवसरों का प्रतिनिधित्व करता है। लग्नेश मंगल का यहां गोचर आपके भीतर आगे बढ़ने की इच्छा मजबूत कर सकता है।
किसी वरिष्ठ व्यक्ति से मुलाकात, गुरु का मार्गदर्शन, विदेश या दूसरे शहर से जुड़ा काम, उच्च शिक्षा या करियर में दिशा बदलने का विचार सामने आ सकता है। मंगल छठे भाव के स्वामी भी हैं, इसलिए प्रतियोगी परीक्षा और प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र में लगातार मेहनत करने वालों को फायदा मिल सकता है। यहां सावधानी पिता, गुरु या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यवहार को लेकर रखनी होगी। मंगल की नीच स्थिति के कारण अपनी बात मनवाने की जल्दी विवाद का कारण बन सकती है। वृश्चिक राशि के लिए यह गोचर भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय प्रयास करके भाग्य को सक्रिय करने वाला है।
मकर राशि
मकर राशि से कर्क सातवां भाव है। सातवां भाव विवाह, बिजनेस पार्टनरशिप, ग्राहकों और बाजार का प्रतिनिधित्व करता है। कारोबार करने वालों के लिए यह समय काफी सक्रिय रहेगा। नया क्लाइंट, नया पार्टनर या नया बिजनेस एग्रीमेंट सामने आ सकता है। मंगल यहां कार्यक्षमता बढ़ाएंगे, लेकिन कर्क की भावनात्मक प्रकृति के कारण पार्टनरशिप में टकराव भी हो सकता है। खासकर बिजनेस में व्यक्तिगत नाराजगी को पेशेवर फैसले से अलग रखना जरूरी रहेगा।
मंगल मकर राशि के चौथे और 11वें भाव के स्वामी हैं। इस कारण जमीन, प्रॉपर्टी, नेटवर्क और लाभ से जुड़ा कोई मामला बिजनेस पार्टनरशिप से जुड़ सकता है। विवाह संबंधों में आकर्षण और सक्रियता दोनों बढ़ सकती हैं, लेकिन बात-बात पर गुस्सा रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि से कर्क छठा भाव है। यह नौकरी, प्रतियोगिता, ऋण, विवाद और विरोधियों का भाव माना जाता है। मंगल का यहां गोचर प्रतियोगिता में डटकर मुकाबला करने की क्षमता बढ़ा सकता है। नौकरी करने वालों को मुश्किल प्रोजेक्ट मिल सकता है, लेकिन उसे पूरा करने से आपकी प्रोफेशनल स्थिति मजबूत हो सकती है।
सरकारी नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा, पुलिस, डिफेंस, इंजीनियरिंग या ऐसी फील्ड जिसमें अनुशासन और प्रतिस्पर्धा जरूरी है, वहां मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है। मंगल तीसरे और 10वें भाव के स्वामी हैं। यानी प्रयास और करियर दोनों का स्वामी छठे भाव में आ रहा है। यह संयोजन संघर्ष के जरिए प्रोफेशनल उपलब्धि हासिल करने का संकेत देता है। ऑफिस पॉलिटिक्स से परेशान होने के बजाय काम मजबूत रखें। यही रणनीति इस गोचर का सबसे बेहतर इस्तेमाल होगी।
मीन राशि
मीन राशि के लिए कर्क पांचवां भाव है। पंचम भाव शिक्षा, बुद्धि, प्रेम, संतान, क्रिएटिविटी और रणनीतिक सोच का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल मीन राशि के दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। यानी धन और भाग्य के स्वामी का पंचम भाव में जाना शिक्षा, प्रतिभा और बौद्धिक काम के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थिति बनाता है।
स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है। किसी नए विषय या तकनीकी स्किल को सीखने का मौका मिलेगा। मीडिया, लेखन, डिजाइन, टेक्निकल क्रिएटिविटी और कंटेंट से जुड़े लोगों को भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लव लाइफ में आकर्षण बढ़ेगा। कोई रिश्ता तेजी से आगे बढ़ सकता है, लेकिन जल्दबाजी में प्रतिबद्धता करने से पहले सामने वाले व्यक्ति को समझना जरूरी होगा।
मंगल कर्क में नीच के हैं, फिर भी कैसे होगा लाभ
मंगल कर्क में कमजोर माने जाते हैं, इसलिए अगर केवल राशि देखी जाए तो मंगल के परिणामों को बहुत मजबूत नहीं कहा जाएगा, लेकिन जब वही मंगल किसी शुभ या उपचय भाव को सक्रिय करते हैं, तो उनकी ऊर्जा संघर्ष और मेहनत के जरिए परिणाम निकाल सकती है। दूसरी तरफ नक्षत्र स्वामी शनि मंगल को अनुशासन देते हैं। इस वजह से यह गोचर “तुरंत जीत” से ज्यादा ‘लगातार मेहनत करके मजबूत स्थिति बनाना’ सिखाता है। यही कारण है कि कुंभ के छठे भाव, कन्या के 11वें भाव, वृषभ के तीसरे भाव और वृश्चिक के नवम भाव जैसे स्थान मंगल के लिए अपेक्षाकृत उपयोगी दिखाई देते हैं।
नौकरी वालों के लिए कैसा रहेगा यह गोचर
मंगल का पुष्य गोचर नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ा सकता है। विशेष रूप से जिन लोगों का काम टेक्निकल, इंजीनियरिंग, प्रशासन, सरकारी क्षेत्र, ऑपरेशन, मैनेजमेंट या फील्ड वर्क से जुड़ा है, उन्हें नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कुंभ राशि के लिए प्रतियोगिता का क्षेत्र मजबूत है। वृश्चिक और तुला के लिए करियर में गतिविधि बढ़ सकती है। कन्या के लिए काम का आर्थिक फायदा मिलने की संभावना है, लेकिन ऑफिस में गुस्से से प्रतिक्रिया देना इस गोचर का कमजोर पक्ष रहेगा।
बिजनेस वालों को क्या मिलेगा लाभ
बिजनेस में यह गोचर सिस्टम और ऑपरेशन मजबूत करने का है। पुष्य का शनि प्रभाव लंबे समय की योजना पर जोर देगा। मकर राशि के लिए पार्टनरशिप एक्टिव होगी। वृषभ के लिए मार्केटिंग और सेल्स का पक्ष मजबूत होगा। कन्या को नेटवर्क से लाभ मिल सकता है। नया कारोबार शुरू करने से ज्यादा पुराने कारोबार को मजबूत करना कई मामलों में ज्यादा उपयोगी रहेगा। बड़ी डील में शर्तें ध्यान से पढ़ें। मंगल के कारण जल्दी फैसला लेने की इच्छा होगी, लेकिन शनि का नक्षत्र धैर्य रखने का संकेत देता है।
धन के मामले में किसे लाभ
कन्या राशि के लिए आय और लाभ का पक्ष सबसे स्पष्ट है। वृषभ को अपने प्रयासों और कम्युनिकेशन से फायदा मिल सकता है। मीन को धन और भाग्य के स्वामी मंगल का पंचम भाव में होना लाभकारी रह सकता है। मकर को बिजनेस पार्टनरशिप से फायदा मिल सकता है। वृश्चिक राशि वालों को भाग्य के माध्यम से आर्थिक अवसर मिल सकते हैं, जबकि कुंभ को नौकरी और प्रतियोगिता में सफलता के जरिए लाभ मिल सकता है।
स्टूडेंट्स के लिए कैसा रहेगा समय
मीन और वृश्चिक राशि के छात्रों के लिए यह गोचर विशेष रूप से उपयोगी रह सकता है। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और नई तकनीकी स्किल में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कर्क राशि के छात्रों को भी अपनी प्रतिभा को सही दिशा देने की जरूरत होगी। वृषभ राशि में पंचम भाव सक्रिय होने से पढ़ाई और क्रिएटिव काम में फायदा मिल सकता है। यह गोचर उन विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी रहेगा जो सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि अपनी तैयारी का रूटीन और स्ट्रैटेजी भी बदलने को तैयार हैं।
लव रिलेशनशिप्स में क्या होगा असर
मंगल आकर्षण और जुनून बढ़ा सकते हैं। मीन और वृषभ के लिए प्रेम संबंधों का पक्ष खास तौर पर सक्रिय रह सकता है, लेकिन कर्क में मंगल होने के कारण भावनाएं भी साथ चलेंगी। इससे रिश्तों में पजेसिवनेस या छोटी बात पर नाराजगी बढ़ सकती है। मकर राशि वालों को पार्टनरशिप में विशेष रूप से संवाद का ध्यान रखना होगा। रिश्ते में गुस्से के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
