Priyanka Gandhi : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान यदि किसी तरह अनुचित एवं अवैध काम हुआ है तो मुख्य चुनाव आयुक्त सहति जो भी जिम्मेदार हैं, उनके ऊपर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। SIR प्रक्रिया में चुनाव आयुक्तों में मतभेद होने की रिपोर्ट पर भी उन्होंने सरकार पर हमला बोला। बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट में दावा किया गया कि एसआईआर के विभिन्न पहलुओं को लेकर चुनाव आयुक्तों में मतभेद थे, बावजूद इसके मुख्य चुनाव आयुक्त अपने फैसलों को लेकर आगे बढ़े।
'यह संविधान के खिलाफ गंभीर अपराध'
कालपेट्टा में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल देने का किसी भी तरह का प्रयास देश के संविधान के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा, 'मेरा जवाब बहुत ही स्पष्ट है। हमारे चुनाव की लोकतांत्रित प्रकिया के साथ यदि कोई भी खिलवाड़ करता है तो यह देशद्रोह है। इस पर हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट और साफ है।'
...तो आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए-प्रियंका
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में हेरफेर और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाना गंभीर अपराध होगा। उन्होंने कहा, 'मतदाता सूची में हेरफेर करना, मेरा मानना है कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना... लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ एक आपराधिक कृत्य है।' उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को अनियमितताओं की जानकारी थी, साथी चुनाव आयुक्तों ने उन्हें इस बारे में सूचित किया था और इसके बावजूद उन्होंने इसे जारी रहने दिया, तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।
ECI के कामकाज पर जयराम ने उठाए सवाल
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने इंडियन एक्सप्रेस में 24 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट का जिक्र किया। इस रिपोर्ट के मुताबिक ECINet सॉफ्टवेयर द्वारा मतदाता सूची से बाहर किए गए वैध वोटर्स को दोबारा शामिल करने के लिए गोवा के CEO ने सात दिनों में आठ बार ECI को मेल किया। गोवा के मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (EROs) ने इस बात की पुष्टि की थी कि हटाए गए नाम वैध मतदाता थे। इस अनुरोध के बावजूद भी ई-मेल्स को नजरंदाज करते हुए मतदाताओं के नाम हटाए गए।
रमेश ने अखबार की दूसरी रिपोर्ट का दिया हवाला
रमेश ने कहा कि एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ने बीते दिन 23 सितंबर को एक सनसनीखेज खुलासा किया। इस खुलासे से यह जाहिर हुआ कि 'मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने चुनाव आयोग की ईमानदारी, विश्वसनीयता एवं सक्षमता को पूरी तरह से खत्म कर दिया।' अब यह दूसरी रिपोर्ट है जो कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाती है।
